केस-1- एक वर्ष से काट रहे रिफंड के लिए चक्कर
दुबे के पड़ाव निवासी शिवम गुप्ता ने मार्च 2024 में ईवी कार खरीदी थी। इनको ईवी खरीदने पर सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन में दी जा रही सब्सिडी हासिल करने के लिए एक वर्ष से कवायद करनी पड़ रही है। इन्होंने रजिस्ट्रेशन के रूप में विभाग को गाड़ी की कुल कीमत का 11 फीसदी दिया पैसा वापस मिलना है। मुख्यालय से प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, जिसके चलते रिफंड नहीं हो रहा।
केस-2- बिलिंग मुख्यालय पहुंची, रिफंड की स्वीकृति नहीं
मसूदाबाद पर बैटरी कारोबारी विपुल गुप्ता ने दिसंबर 2024 में इनोवा गाड़ी खरीदी थी। इसकी बिलिंग मुख्यालय लखनऊ पहुंची है। रिफंड का एप्रूवल नहीं आया है। यह एप्रूवल लखनऊ के कोषागार और वहां की एसबीआई से आएगा इसके बाद स्थानीय आरटीओ कार्यालय में प्रक्रिया शुरू होगी। रिफंड लखनऊ कोषागार से होगा।
यह है रिफंड की प्रक्रिया
वाहन एजेंसी की ओर से ऑन लाइन आवेदन किया जाएगा, स्थानीय आरटीओ प्रकरण को राज्य मुख्यालय भेजेगा। मुख्यालय कोषागार और एसबीआई से स्वीकृति के बाद खरीदार को रिफंड मिल जाएगा।
जिले में हाइब्रिड गाड़ियां खरीदने के 15 मामले हैं जिनका रिफंड पाने के लिए खरीदार को हाईकोर्ट तक का रुख करना पड़ा। स्थानीय संभागीय परिवहन विभाग ने सिस्टम एरर की वजह से गाड़ी की कीमत के हिसाब से टैक्स ले लिया था। बाद में वाहन खरीदार ने हाईकोर्ट में अपील की जिसके बाद पैसा वापस करने के आदेश किए गए।
आदेश के बाद भी पैसा पाने को करनी पड़ी कवायद
मैरिस रोड निवासी पूनम अग्रवाल ने जून 2024 में इनोवा हायक्रास गाड़ी खरीदी थी। इस पर 3.24 लाख रुपये रजिस्ट्रेशन टैक्स दिया। जब पूनम की जानकारी में आया कि सरकार इस प्रकार के वाहनों पर रजिस्ट्रेशन में छूट दे रही है तो विभाग में दावा किया लेकिन राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट में रुख किया तो सितंबर 2024 में पैसा वापस करने का आदेश विभाग को दिया गया। मई 2025 में पैसा वापस मिला। इसी तरह रामघाट रोड निवासी वंदना अग्रवाल ने जून 2024 में इनोवा इनविटो गाड़ी खरीदी थी। 2.85 लाख रुपये टैक्स लगा था। इसे वापस पाने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। अक्तूबर 2024 में आदेश हुआ। मई 2025 में पैसा मिला।