बुधवार की दोपहर एक महिला ने डीएम कार्यालय के बाहर अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह करने की कोशिश की। इसी बीच सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ गई । उन्होंने उसे घेर कर पकड़ लिया। यह महिला नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म किए जाने के मामले में कार्रवाई न होने से आहत थी। मामला संज्ञान में आते ही डीएम ने महिला थाने की पुलिस को बुलाया, जिसके बाद पीड़ित महिला की ओर से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के तिबिया कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. सऊद अली के विरुद्ध दुष्कर्म व धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़िता को डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेजा गया है।
महानगर निवासी करीब 24 वर्षीय महिला बुधवार की दोपहर 11:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। डीएम सेल्वा कुमारी जे से मिलकर उसने बताया कि वर्ष 2018 में तिब्बिया कॉलेज एंड हास्पिटल में वार्ड अटेंडेंट के तौर पर उसकी अस्थायी नौकरी लगी थी। उसी दौरान प्रधानाचार्य रहे डॉ. सऊद अली ने उसे बुलाकर कहा कि पांच लाख रुपये का इंतजाम कर लो तो वह नौकरी स्थायी करा देंगे। उसने रुपये न होने की बात कही तो डॉ. सऊद अली ने शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव रखा। इंकार करने पर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया गया।
उत्पीड़न से परेशान होकर वह डॉ. सऊद की बात मान गई। पीड़िता का आरोप है कि डॉ. सऊद अली ने उसका एमएमएस बना लिया और इसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार तीन साल तक दुष्कर्म किया। आरोपी ने अपने दो परिचितों को वह एमएमएस दे दिया। वह भी संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगे। इस पर छह माह पहले उसने थाने से लेकर एसएसपी कार्यालय तक शिकायत की लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। बुधवार को पीड़िता डीएम से मिलने पहुंची। डीएम ने पुलिस अधिकारियों के पास जाने की सलाह दी। इस पर डीएम कार्यालय से बाहर आते ही अपने पास रखी बोतल से उसने शरीर पर पेट्रोल उड़ेल लिया। यह देखकर सुरक्षाकर्मियों ने उसे घेरकर पकड़ा। इसके बाद डीएम ने महिला थाने की पुलिस को बुलाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
-इस मामले में महिला की तहरीर पर डॉ. सऊद अली के खिलाफ दुष्कर्म व धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में जांच की जा रही है। महिला की शिकायतों पर पूर्व में जांच हो चुकी है। उन जांचों को भी इस मुकदमे में देखा जाएगा। -श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय।