कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि धरने में शामिल लोगों ने अपना भरोसा खो दिया है। पंजाब के संगठनों की होड़ में राकेश टिकैत धरने में बैठे हैं। तीनों कृषि कानूनों में किसानों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। इसलिए किसान आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है।
जनरल वीके सिंह ने शुक्रवार को मैरिस रोड स्थित भाजपा के जिला मंत्री ठाकुर सुरेश सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में भाकियू नेता राकेश टिकैत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, जब तीनों कृषि कानून बने थे, तब राकेश टिकैत ने कहा था कि उनके पिता जी का सपना पूरा हो गया। बाद में वह अपने बयान से पलट गए, अब उनका कहना है कि ये काले कानून हैं।
राज्य मंत्री ने कहा कि कृषि कानूनों में स्याही के अलावा कुछ भी काला नहीं है, यह पहचानने की जरूरत है। नारे लगाकर बैठ जाओ तो फोटो खिंचवाने वाले बहुत लोग आ जाते हैं। जब नीयत ठीक नहीं होती है तो 26 जनवरी हुए उपद्रव जैसी घटनाएं होती हैं। इस घटना के बाद पुलिस जो भी तरीका अपना रही है, वह सही है।
जनरल सिंह ने कहा कि पंजाब के किसान संगठन ज्यादा हावी हो जाएंगे, यह सोचकर राकेश टिकैत भी धरने पर बैठ गए हैं। जब टिकैत बैठ गए तो पंजाब के संगठनों ने कहा कि उनका रवैया ढुलमुल है। उन्होंने अपने लोग टिकैत को कंट्रोल करने के लिए भेजे हैं।