शहरीकरण के दौर में हरे-भरे पार्क मानव जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं। यहां लगे पेड़-पौधों से स्वच्छ हवा के साथ सुकून भी मिलता है। मगर देखरेख के अभाव में कई मोहल्लों में स्थित पार्क अपनी खूबसूरती खो रहे हैं। बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी हो गई हैं। गेट उखड़ चुके हैं, बेंच, रेलिंग व रैंप टूटे पड़े हैं। झूले भी जर्जर हाल में हैं। मोहल्ले वाले इन पार्कों में जाने से बचते हैं और बच्चों को भी नहीं जाने देते हैं।
बारिश के मौसम में इन पार्कों में जीव-जंतुओं का भी खतरा रहता है। ऐसे में अमर उजाला ने आओ संवारें पार्क अभियान के जरिये इन पार्कों को सजाने-संवारने का बीड़ा उठाया है। यह अभियान जन सहभागिता से चलेगा और स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा। रविवार को इस अभियान का आगाज रेलवे कॉलोनी स्थित पार्क से किया गया। अगले सप्ताह शहर के दूसरे पार्क में अभियान चलाया जाएगा।
इन्होंने लिया संकल्प
पार्क शहरी जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं। इनको संवारने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, हम सभी इसके सुंदरीकरण का संकल्प लेते हैं।
- संजय पंडित
पेड़ों से स्वच्छ हवा के साथ ही ताजगी भी मिलती है। पार्क संवर जाएंगे तो लोगों को लाभ मिलेगा। इसे संवारने का जिम्मा हमने उठाया है।
- भूपेंद्र वार्ष्णेय
पार्कों में पौधरोपण बहुत जरूरी है। ये पौधे बड़े होकर आने वाली पीढ़ी को लाभ पहुंचाएंगे। हमें अपने बच्चों को इसका तोहफा देना चाहिए।
- पप्पू प्रधान
हम सभी की ओर से पार्क को संवारने का संकल्प लिया गया है। इस अभियान में सहभागिता निभाएंगे और इस पार्क का सुंदरीकरण करेंगे।
- राजेंद्र मल्होत्रा
पार्क में गंदगी फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी। पार्क के अंदर प्लास्टिक कचरा था, इसके लिए कूड़ेदान लगवाए जाएंगे। लोगों को भी जागरूक करेंगे।
- रवि
अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर पार्कों को संवारने के प्रयास करने हैं। साफ-सफाई, पौधरोपण समय-समय पर करते रहेंगे। -
शैलेंद्र