मृतक सिपाही धर्मेंद्र स्पोर्टस कोटे से सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। अभी सिपाही आगे की पढ़ाई कर एसआई की तैयारी कर रहा था। धर्मेंद्र की अभी शादी नहीं हुई थी। बाइक चलाने के दौरान धर्मेंद्र ने हेलमेट पहन रखा था। साइड लगने के दौरान बस का पहिया सिपाही की छाती पर चढ़ गया था।
पढ़ने में थे होशियार धर्मेंद्र
राम ब्रजेश सिंह के तीन बेटे और एक बेटी हैं। सबसे बडे बेटे देवेंद्र, फिर धर्मेंद्र, प्रवेंद्र व एक बेटी रूबि हैं। जिसमें से देवेंद्र व रूबि की शादी हो चुकी है। परिवार वालों ने बताया कि धर्मेंद्र शुरू से ही पढ़ने में काफी होशियार था। सबसे पहले धर्मेंद्र की नौकरी रेलवे में लगी थी। छह माह रेलवे में भोपाल एमपी में नौकरी करने के बाद धर्मेंद्र 2021 में कॉस्टेबल के पद पर भर्ती हुआ था। मृतक धर्मेंद्र के परिवार को सूचना दी, तो परिवार वाले पल्लवपुरम को रविवार की सुबह ही रवाना हो गए। धर्मेंद्र का शव गांव में रात तक आने की उम्मीद है। परिवार में धर्मेंद्र की मौत की सूचना मिले ही कोहराम मचा गया और गांव में मातम छा गया। परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।