उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर इलाके के गांव पीपल निवासी राहुल के कारनामों से उसका परिवार या उसके गांव के लोग बेशक अंजान हों, मगर इन दिनों इस राहुल ने देश में भूचाल ला दिया है। वह एक हजार करोड़ से अधिक के हवाला कारोबार से जुड़े रैकेट का हिस्सा है और चीन की दो कंपनियों का डायरेक्टर व दो का शेयर होल्डर है।
चार दिन पहले दिल्ली में फर्जी पासपोर्ट से पकड़े गए चीनी नागरिक की जांच के बाद राहुल का नाम सामने आने के बाद एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। दो दिन पहले एक जांच टीम उसके गांव पहुंची थी, मगर उसके परिवार व घर की हालत देखकर लौट गई और राहुल की तलाश शुरू कर दी है।
बताया गया है कि राहुल गुरुग्राम में नौकरी कर रहा है। मगर, रविवार दोपहर बाद उससे फोन पर संपर्क न होने के कारण एजेंसियों का उस पर शक गहरा गया है।
दो दिन पहले गांव पीपल निवासी राहुल की तलाश में गुरुग्राम से एक जांच एजेंसी पहुंचीं। यहां उसके मां व पिता से मुलाकात के साथ-साथ परिवार की माली हालत व घर की स्थिति को देखा।
हालांकि उसका घर काफी पहले का बना हुआ है। पिता के 12 बीघा खेत हैं और बुग्गी चलाते हैं। उन्होंने यही बताया कि आईटीआई करने के बाद राहुल चार साल पहले दिल्ली नौकरी करने चला गया था। उसके दो छोटे भाई भी दिल्ली में ही प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करते हैं।
जब उन्हें बताया गया कि उनका बेटा चीन की दो बड़ी कंपनियों में डायरेक्टर है और दो में शेयर होल्डर है तो वे हैरान रह गए। खुद जांच टीम के लोग भी नहीं समझ पा रहे थे कि अगर ऐसा होता तो इस घर की हालत ऐसी न होती।
मगर जांच में यह भी पता चला कि एक दूसरा मकान भी गांव में है, जिस पर काम चल रहा है। यहां बातचीत में जो जानकारी मिली, उसके अनुसार दिल्ली में चार दिन पहले चीन का नागरिक फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था।