11वीं की छात्रा को आरोपी बहला फुसलाकर ले गया था। किशोरी ने बयान दिए कि वह किसी बात से नाराज होकर घर से अपनी सहेली के घर जा रही थी। तभी आरोपी मिला, उसने उसे किसी तरह बेहोश कर दिया। इसके बाद वह मथुरा में किसी कमरे में बंधक थी। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। किसी तरह पुलिस उसे लेकर आई।
अलीगढ़ महानगर के बन्नादेवी इलाके के 11वीं की छात्रा किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में दोषी को सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे पॉक्सो तीन वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत से सुनाया गया है।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी द्वय संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार घटना 19 सितंबर 2015 की है। वादी मुकदमा के अनुसार उनकी 11वीं की छात्रा बेटी को लच्छिमपुर का मनोज उर्फ सनी बहला फुसलाकर ले गया। पुलिस ने मुकदमे के आधार पर उसकी बरामदगी की और बयानों के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई।
किशोरी ने बयान दिए कि वह किसी बात से नाराज होकर घर से अपनी सहेली के घर जा रही थी। तभी आरोपी मिला, उसने उसे किसी तरह बेहोश कर दिया। इसके बाद वह मथुरा में किसी कमरे में बंधक थी। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। किसी तरह पुलिस उसे लेकर आई। मामले में न्यायालय में सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर उसे दोषी करार देते हुए दस वर्ष कैद व 24 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
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इधर, एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से अपहरण के मुकदमे में पींजरी गोंडा के भानु प्रताप सिंह की जमानत अर्जी खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी प्रमेंद्र जैन ने दी है।