हिजाब प्रकरण को लेकर मार्च निकालते एएमयू छात्र-छात्राएं।
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एएमयू के छात्रों ने मुस्लिम छात्राओं को स्कूल व कॉलेज में हिजाब पहनने से रोकने के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एएमयू प्रॉक्टर को सौंपा गया।
सोमवार को कला संकाय से बाब-ए-सैयद तक छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में छात्राएं भी शामिल हुईं। छात्र नेता जानिब हसन ने कहा कि हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। सरकार को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, लेकिन कर्नाटक सरकार जिस तरह से मुस्लिम लड़कियों को निशाना बना रही है, वह निंदनीय है। कर्नाटक सरकार संवैधानिक विरोधी कदम उठा रही है। वह भारत के राष्ट्रपति से मुसलमानों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध करते हैं। ऐसी सरकार को जो धर्म के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रही है, उससे देश की एकता और अखंडता को खतरा है।
छात्र नेता अबू सैयद दिलवर सिद्दीकी ने कहा कि हम हिजाब पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 और 25 को निलंबित कर दिया है। छात्र नेता अकरम ने कहा कि भाजपा अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर लोगों में नफरत फैलाना चाहती है। इस अवसर पर छात्र नेता फराहम अली, अकरम मिंटो, अथर हमीद घोसी, फैजान घोसी, अताउल्लाह, शोएब, साजिद रेहान, साजिद, नासिफ, राजा सिद्दीकी, सुहैल, राजा, छोटू आदि मौजूद रहे।