कोरोना महामारी के समय में गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिला एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। कोरोना से सबसे अधिक खतरा इन्हीं को है। अभी तक तीन मौतें हो चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि मौत का कारण दूसरी बीमारी है।
जेएन मेडिकल कॉलेज में दो दिन पहले एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। अतरौली के एक व्यक्ति की भी मौत हुई थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में एक टीबी मरीज की मृत्यु हुई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज त्यागी कहते हैं कि गर्भवती महिला हृदय रोग से पीड़ित थी।
इसके साथ ही वह एनेमिक भी थी। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का ख्याल रखते हुए मरीजों का कोविड टेस्ट कराकर अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। मरीज किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की वजह से अस्पताल आते हैं। जांच में संक्रमित पाए जाने पर कोविड वार्ड में रखकर उपचार दिया जाता है। मृत्यु की वजह गंभीर बीमारी होती है, कोरोना नहीं। उन्होंने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में जिनकी मृत्यु हुई है, वे सभी दूसरी बीमारियों की वजह से भर्ती हुए थे और जांच में कोरोना संक्रमित पाए गए थे। सभी की डेथ ऑडिट होगी।
टीका जरूर लगवाएं, रखें ख्याल
सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी एवं जेएन मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. हैरिस खान कहते हैं कि गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिला एवं बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें। वर्तमान समय में उनको सबसे ज्यादा खतरा है। यह ध्यान रखें कि सबको समय से टीका लग जाए। बुजुर्गों को एहतियात डोज भी लगवा लें। इस बात का भी ध्यान रखें कि बुजुर्ग, गर्भवती महिला व हाई रिस्क मरीज संक्रमित न हो। हाई रिस्क के मरीज स्वयं मास्क और दो गज की दूरी का ध्यान रखें। बाहर निकलने से परहेज करें। बार-बार हाथ धोते रहें। समय से दवा लेते रहे और पौष्टिक आहार का सेवन करें और चिकित्सक के संपर्क में रहें।