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जब सफर में आई खुशियां: चार दिन अस्पताल में रहने के बाद ट्रेन से लौट रहे थे घर, अलीगढ़ जंक्शन पर जन्मी बच्ची

Wed, 05 Aug 2026 12:32 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

घटना मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे की है। जनपद औरैया के गहेसर गांव निवासी धर्मेंद्र अपनी गर्भवती पत्नी कामिनी देवी को नई दिल्ली से गोमती एक्सप्रेस (12420) से लेकर घर लौट रहे थे। कामिनी को रास्ते में अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
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अलीगढ़ जंक्शन पर जन्मी बच्ची - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चार दिन अस्पताल में इंतजार। डॉक्टरों ने घर लौटने की सलाह दी। परिवार मायूस मन से ट्रेन में बैठ गया लेकिन किस्मत ने बेटी के जन्म के लिए अस्पताल नहीं अलीगढ़ रेलवे जंक्शन का प्लेटफॉर्म नंबर-2 चुना। मंगलवार दोपहर कुछ ही मिनटों में स्टेशन का प्लेटफॉर्म अस्थायी प्रसूति कक्ष बन गया। आरपीएफ और जीआरपी की महिला कर्मियों ने कपड़ों से घेरा बनाया। महिला यात्रियों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। फिर नवजात की पहली किलकारी पूरे प्लेटफॉर्म पर गूंज उठी और माहौल भावुक हो गया।

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घटना मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे की है। जनपद औरैया के गहेसर गांव निवासी धर्मेंद्र अपनी गर्भवती पत्नी कामिनी देवी को नई दिल्ली से गोमती एक्सप्रेस (12420) से लेकर घर लौट रहे थे। कामिनी को रास्ते में अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन अलीगढ़ जंक्शन पहुंची तो धर्मेंद्र मदद के लिए दौड़ पड़े।

सूचना मिलते ही आरपीएफ के उपनिरीक्षक धीरज चौधरी, महिला कांस्टेबल कुसुम देवी और चांदनी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने बिना समय गंवाए प्लेटफॉर्म पर साड़ी और अन्य कपड़ों से घेरा बनाकर महिला की निजता सुनिश्चित की। वहां मौजूद दो महिला यात्रियों ने भी आगे बढ़कर मदद की। कुछ ही देर में कामनी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

बच्ची के रोने की आवाज सुनते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली। कई लोगों ने तालियां बजाकर महिला कर्मियों और मदद करने वाली महिला यात्रियों का हौसला बढ़ाया। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर जच्चा और बच्ची को मोहनलाल गौतम महिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में दोनों स्वस्थ हैं।

चार दिन अस्पताल में रही भर्ती, प्लेटफॉर्म पर मिली बेटी की खुशी
धर्मेंद्र ने बताया कि कामिनी दिल्ली के ओखला स्थित एक अस्पताल में चार दिन से भर्ती थीं। परिवार को सामान्य प्रसव का इंतजार था। काफी समय बीतने के बाद भी प्रसव नहीं हुआ। डॉक्टरों ने सामान्य डिलीवरी की संभावना कम बताते हुए घर ले जाने की सलाह दे दी। इसके बाद दोनों गोमती एक्सप्रेस से औरैया लौट रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि उनकी बेटी का जन्म ट्रेन के सफर के दौरान अलीगढ़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर होगा।
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जब स्टेशन की भीड़ बन गई परिवार
कुछ देर पहले तक परिवार चिंता में था लेकिन अब उनकी गोद में नवजात बेटी आ गई। स्टेशन की भीड़ उस पल एक परिवार बन गई। किसी ने घेरा बनाया, किसी ने हिम्मत दी और किसी ने नवजात के स्वागत में मुस्कुरा दिया। अलीगढ़ जंक्शन का यह प्लेटफॉर्म मंगलवार को केवल यात्रियों का नहीं बल्कि एक नई जिंदगी के आगमन का साक्षी बन गया।
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