कस्बे के टंकी मोहल्ला में बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे एक मकान में बने कमरे की छत भरभराकर नीचे आ गिरी, जिससे कमरे में लेटी नौ माह की गर्भवती महिला मलबे में दब गई। गनीमत रही कि महिला का पति उस समय घर पर मौजूद था, पड़ोस के लोगों की मदद से आननफानन महिला को मलबे से निकाल कर उपचार के लिए ले जाया गया।
टंकी मोहल्ला निवासी वीरपाल सिंह मजदूरी करते हैं। उनकी नौ माह की गर्भवती पत्नी गुड़िया (31) का एक-दो दिन में ही प्रसव होना है। परिवार में दंपती और 11 वर्ष का पुत्र प्रीत है। बृहस्पतिवार सुबह गुड़िया ने खाना बनाया और कमरे में जाकर चारपाई पर लेट गई। पति बरामदे में थे और पुत्र स्कूल गया था। अचानक से कमरे की छत भरभराकर नीचे आ गिरी और चारपाई पर लेटी गुड़िया मलबे और मिट्टी में दब गई।
यह देखकर पति ने शोर मचाया। जिसे सुनकर पड़ोस के लोग वहां पहुंच गए और महिला को मलबे से निकाला। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. नितिन अडाना के अनुसार महिला को अंदरुनी चोटें हैं, इसलिए बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं युवा भाजपा जिला मंत्री रजत उपाध्याय ने बताया कि परिवार की माली हालत ठीक नहीं है, उन्होंने तहसील अधिकारियों से परिवार को आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग की।