पोस्टमार्टम केंद्र का स्टाफ फिर आरोपों में घिर गया है। इस बार एक महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छेड़छाड़ का आरोप लगा है और इन आरोपों की प्रारंभिक जांच के आधार पर डॉक्टर व फार्मासिस्ट के निलंबन की संस्तुति करते हुए अपर निदेशक स्वास्थ्य ने सीएमओ को अग्रिम जांच सौंपी है। वहीं, सीएमओ ने इस मामले में डिप्टी सीएमओ को विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। उस जांच के आधार पर आगे कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
घटनाक्रम 14 मई को हरदुआगंज की गर्भवती महिला की मौत के पोस्टमार्टम से जुड़ा है। रॉयल हॉम्स कॉलोनी में महिला की मौत के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया, जिसमें ससुराल पक्ष आत्महत्या की बात कह रहा था, जबकि मायके पक्ष की ओर से हत्या का आरोप लगाया गया। सीएमओ के अनुसार इस शव का पोस्टमार्टम प्रभारी डॉ. कुमार सौरभ व सहयोगी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह द्वारा किया गया। बाद में डॉ. कुमार सौरभ की ओर से सीएमओ व अन्य अधिकारियों को शिकायत दी गई कि उनके सहयोगी डॉ. प्रवीन रंजन द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गई है। इस आधार पर उनकी मंशा पर भी सवाल खड़ा किया गया।
नियमानुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दो प्रति पुलिस को दी जाती हैं, जबकि एक ऑफिस कॉपी रखी जाती है। शिकायत के अनुसार डॉ. कुमार सौरभ ने तैयार प्रति की फोटो अपने मोबाइल में खींच ली। जब अगले दिन उन्होंने देखा तो पाया कि उसमें डॉ. प्रवीन रंजन की ओर से ओवरराइटिंग व छेड़छाड़ की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट रखने का जिम्मा फार्मासिस्ट का होता है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर निदेशक स्वास्थ्य ने स्वास्थ्य विभाग व जेएन मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कराई गई। इस जांच में आरोपों को सही पाया गया है।
इस आधार पर छेड़छाड़ के आरोपी डॉ.प्रवीन रंजन व निगरानी के जिम्मेदार फार्मासिस्ट केपी शर्मा पर निलंबन की संस्तुति करते हुए अग्रिम जांच के निर्देश सीएमओ को दिए हैं। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी के अनुसार उन्हें अपर निदेशक स्तर से निलंबन संस्तुति व जांच संबंधी निर्देश प्राप्त हो गए हैं। विभागीय जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. खान चंद को सौंपी गई है। चूंकि डॉक्टर का निलंबन निदेशालय स्तर से होगा। इसलिए यह रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। बाकी फार्मासिस्ट के खिलाफ स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लिया जाएगा।
- हरदुआगंज की महिला की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छेड़छाड़ का आरोप डॉ. प्रवीन रंजन व निगरानी फार्मासिस्ट केपी शर्मा पर हमारे स्तर से गठित पैनल से कराई गई जांच में पाया गया है। इस आधार पर निलंबन की संस्तुति व जांच के निर्देश सीएमओ दिए गए हैं। मामला बेहद गंभीर है।-डॉ.वीके सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य
डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने नकारे आरोप
इस मामले में जब डॉ. प्रवीन रंजन व फार्मासिस्ट केपी शर्मा से बात की गई तो दोनों ने आरोप नकारे हैं। डॉक्टर का कहना है कि ये समझ का फेर है। चूंकि वे पोस्टमार्टम पैनल में शामिल थे। इसलिए उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। यह साजिश का हिस्सा है। इसी तरह केपी शर्मा का कहना है कि वे उस दिन ड्यूटी पर नहीं थे। फिर वे आरोपी क्यों।