सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल अप्रैल से डिफेंस कॉरिडोर में सेना के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन, अग्निशमन यंत्र, इंसोलेटेड मैट तथा अन्य उपकरण बनने शुरू हो जाएंगे। शुक्रवार को शिलान्यास होते ही निवेशकों ने इन उत्पादन के लिए मानचित्र पास कराने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली है। अब इन्हें उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ( यूपीडा) की ओर से कॉरिडोर स्थल पर बुनियादी सुविधाएं मिलने का इंतजार है।
एलन एंड एलवान प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक धनजीत वाड्रा का कहना है कि उन्होंने फैक्टरी का मानचित्र पास करा लिया है। डिफेंस कॉरिडोर में उनकी कंपनी अगले साल अप्रैल के पहले सप्ताह में ड्रोन का उत्पादन शुरू कर देगी। इसके लिए बिल्डिंग का निर्माण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इससे पहले ड्रोन निर्मित करने को देश - विदेश की कंपनियों से पार्ट्स के लिए अनुबंध भी हो जाएगा। अन्य औद्योगिक इकाइयां भी कारतूस, रायफल आदि के पार्ट्स बनाना शुरू कर देंगी। यही पर सेना के लिए इस्तेमाल होने वाला पैकिंग मैटेरियल भी अगले साल जून से निर्मित होने लगेगा।
यूपीडा के क्षेत्रीय अधिकारी आरके वर्मा के अनुसार पहले फेज में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण 10 हेक्टेयर जमीन में हुआ है। इस क्षेत्र में 21 औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन आवंटित कर दी गई है। निमाना गांव के किसानों से भी 10 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस जमीन के मिलने पर अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
पहले फेज में सब स्टेशन की बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो चुका है। अगले महीने तक ट्रांसफार्मर तथा अन्य उपकरण स्थापित हो जायेंगे। पानी की टंकी का निर्माण भी 90 फीसदी पूरा हो चुका है, जिसे इस माह तक पूरा कर लिया जाएगा। 30 जून तक सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगी। बाउंड्रीवाल का निर्माण भी नवंबर तक पूरा हो सकेगा । यूपीडा के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि समय से निर्माण पूरा कराने के लिए हर सप्ताह निर्माण एजेंसियों के साथ - साथ समीक्षा की जा रही है। विद्युत सब स्टेशन स्थापित होते ही औद्योगिक इकाइयां अपने भवनों का ढांचा तैयार करके उत्पादन शुरू कर सकेंगी।