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अलीगढ़ः ब्राह्मणों-अनुसूचितों पर बढ़ रहा हरेक पार्टी का जोर

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विधानसभा चुनाव 2022 करीब आता जा रहा है। चुनाव से पहले जातीय समीकरण ठीक कर रहे विपक्षी राजनीतिक दल किसी समुदाय को छोड़ना नहीं चाहते हैं। हरेक घटनाक्रम पर विपक्षी दल सक्रिय हो रहे हैं। शुक्रवार को अतरौली में सपा का ब्राह्मण सम्मेलन हुआ तो शहर में अनुसूचित जाति की बेटी की हत्या के मामले में आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने अपनी आवाज बुलंद की। चुनाव के नजदीक आते ही ब्राह्मण और अनुसूचित जाति एवं जनजाति पर विपक्षी दलों का फोकस बढ़ता जा रहा है।
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सपा ने शुक्रवार अतरौली विधानसभा के बिजौली में ब्राह्मण सम्मेलन किया, जिसमें पूर्व कबीना मंत्री अभिषेक मिश्रा सहित अन्य ब्राह्मण नेता मौजूद रहे। सपाइयों ने दावा किया कि उनको ब्राह्मण समुदाय का भरपूर साथ मिल रहा है। इससे पहले बसपा ने प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन कर ब्राह्मणों से साथ में आने का आह्वान किया था, जिसको पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने संबोधित किया था।
इधर, अनुसूचितों की राजनीति गरमा गई है। टप्पल, अकराबाद और हरदुआगंज में अनुसूचित बेटियों की संदिध परिस्थितियों में हत्या के बाद अलीगढ़ का माहौल गरमा गया है। बसपा, सपा, कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी, आप और रालोद सहित कई संगठन सरकार को घेर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने शुक्रवार को अलीगढ़ में अपनी आजाद बुलंद की। अलीगढ़ में ब्राह्मण, अनुसूचित जाति, जनजाति का संख्याबल किसी से कम नहीं है। इसलिए विपक्षी राजनीतिक दल इनकी नाराजगी को भुनाना चाहते हैं। वहीं सत्तारूढ़ दल भाजपा भी इन मामलों के शीघ्र खुलासे कर दोषियों को विधिक प्रक्रिया से सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, ताकि ये नाराज न हो।
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