लड्डू कितना पेशेवर अपराधी है, इस बात का अंदाजा उसकी पूछताछ के बाद पुलिस को हुआ। वह पिछले एक दशक से नाम बदलकर पंजाब में रह रहा था। वहां आइसक्रीम बेचता था। बेटी से मिलने अलीगढ़ आया था, तभी दबोचा गया। ऐसा नहीं कि वह पहली बार आया था। इससे पहले भी आ चुका था। मगर, एसटीएफ ने इनाम होने के बाद उसकी बेटी पर होमवर्क कर लिया था। जैसे ही उसके आने की खबर मिली और टीम सक्रिय हो गई।
एसटीएफ-पुलिस को पूछताछ में उसने खुद बताया कि सहावर की हत्या युक्त लूट के मुकदमे में वह पांच वर्ष जेल रहा। उसके बाद छूटकर आने पर वह 2010 में फिर से अलीगढ़ जेल गया था। इस दौरान 2012 में वह अलीगढ़ से पेशी पर कासगंज गया था। वहां से लौटते समय पुलिसकर्मी से उसे पैदल छर्रा अड्डा से जेल ला रहे थे। तभी सिविल लाइंस क्षेत्र में कठपुला के पास भागा और रेलवे लाइन क्रॉस कर चला गया। पुलिस उसे तमाम प्रयास के बाद पकड़ न पाई।
वह सीधे दिल्ली अपने चाचा रामनरेश के पास गया। एक माह रुका। फिर बुलंदशहर निवासी मित्र राजू के साथ बल्लभगढ़ में कुछ दिन कबाड़ी का काम किया। वहां से कुछ दिन बदायूं आकर रहा। बाद में वह दादों ककरौली के अपने साथी सतीश के साथ जालंधर पंजाब चला गया और वहां नाम बदलकर रहने लगा। वहीं अपने बच्चे बुला लिए। अब वह वहां आइसक्रीम बेचकर परिवार पाल रहा था। अपराध से तौबा कर ली थी। वर्तमान में जालंधर के सुल्तानपुर लोधी गेट थाना लोहिया खास इलाके में रह रहा था।