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मंकीपॉक्स : यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा से आए व्यक्तियों की हो निगरानी

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अपर निदेशक (स्वास्थ्य) ने मंकीपॉक्स बीमारी के कारण यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा से आने वाले व्यक्तियों की निगरानी के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर सर्विलेंस अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. वी के सिंह ने कहा है कि मंकीपॉक्स में बुखार चकत्ते व सूजी हुई लिम्फोनोटस जैसे- लक्षण पाए जाते हैं। यह बीमारी जानवरों से मनुष्य में या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। यह वायरस कटी-फटी त्वचा व बहुत छोटे घाव से सांसनली या म्यूकोसा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। इसके लिए दीर्घ अवधि का निकट संपर्क आवश्यक है। यह रोग शरीर के द्रव्यों या घाव के श्रॉव के साथ सीधे संपर्क से अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों या बिस्तर के माध्यम से भी संचरित होता है। इस रोग का इनक्यूबेशन पीरियड आम तौर पर सात से 14 दिन का होता है। संक्रमित व्यक्ति चकत्तों के दिखने से एक-दो दिन पहले से सभी चकत्ते की पपड़ी गिरने तक संक्रामक बना रह सकता है।
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कोई व्यक्ति यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे ऐसे देश की 21 दिनों के भीतर यात्रा करके आया है और उस व्यक्ति में चकत्ते, बुखार या फिर सूजन के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जिला सर्विलेंस अधिकारी से संपर्क करें। मंडलीय सर्विलेंस अधिकारी डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार अभी तक देश में मंकीपॉक्स का कोई भी मरीज नहीं है।
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