उस समय एसटीएफ की पूछताछ में मास्टरमाइंड कन्हैया लाल ने खुलासा किया कि था कि वह ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए अपनी अलीगढ़ स्थित फैक्टरी में ही मिलावटी तेल तैयार करता था। पेट्रोल, डीजल में अन्य पेट्रोलियम पदार्थों को मिलाकर डेंसिटी (घनत्व) कम-ज्यादा करता था, जिससे उत्पादन लागत मात्र 60-65 रुपये प्रति लीटर आती थी। वह इसे पवन गिरी को 70-75 रुपये में बेचता था। पवन गिरी इसे चंद्र विजय जैसे पंप संचालकों को ऊंचे दामों पर बेचता था। वह इसे इसे ग्राहकों को मार्केट रेट पर बेचकर दोहरा मुनाफा कमाता था।
14 नवंबर को पकड़ा था पूरा गिरोह
14 नवंबर को एसटीएफ उप निरीक्षक सनत कुमार की टीम ने मुखबिर की सूचना पर एका थाना पुलिस के साथ क्षेत्र के चंद्रा फिलिंग स्टेशन पर घेराबंदी की थी। टीम ने सप्लाई देते समय एक टैंकर को पकड़ा। यहां मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें मास्टरमाइंड कन्हैया लाल वार्ष्णेय, निवासी सासनी गेट, अलीगढ़, टैंकर चालक पवन गिरी निवासी रंगपुर, थाना सलेमपुर, बुलंदशहर, सद्दाम निवासी वीजा कॉलोनी, बुलंदशहर, चंद्र विजय निवासी जेडा, थाना एका (पेट्रोल पंप संचालक) और सर्वेश कुमार निवासी रसीदपुर सहसवान, थाना जाकिर नगर, बदायूं शामिल थे।