आशीष श्रीवास्तव
प्रदेश सरकार की ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने एवं ग्रामीणों को गांव में ही शिकायतों के निस्तारण की सहूलियत देने के लिए शुरू की गई ग्राम सचिवालय योजना जिले में अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। योजना के क्रियान्वयन में रोड़ा बना हुआ है पंचायत घरों का धीमी गति से निर्माण। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले की 867 ग्राम पंचायतों में से 20 पंचायतों में या तो पंचायत घर निर्माण के लिए भूमि ही नहीं हैं, भूमि है भी तो विवादों के घेरे में है। 161 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर निर्माणाधीन हैं। इससे पंचायत राज विभाग के अफसर खासे परेशान हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने निर्माण में जुटी कार्यदायी संस्थाओं को दस मार्च तक निर्माण पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया है।
ग्राम पंचायतें अपना कार्यालय स्थापित कर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण में असमर्थ साबित हो रही थी। समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने जुलाई 2021 में ग्राम सचिवालय बनाकर इस समस्या को दूर करने की कोशिश की। जिले में दो अक्तूबर से ग्राम सचिवालय योजना का क्रियान्वयन होना था, लेकिन ऐन मौके पर पंचायत घरों की कमी रोड़ा बन गई। उस समय जिले की 867 ग्राम पंचायतों में से 489 में पंचायत घर थे। इनमें से भी अधिकांश जर्जर अवस्था में थे। शेष 378 का निर्माण होना था। जिला पंचायत राज विभाग ने व्यवस्था लागू करने के लिए पंचायत घरों का निर्माण शुरू कराया, लेकिन तब से अब तक सात माह में भी सभी पंचायत घरों का निर्माण नहीं हो सका। वर्तमान में 161 पंचायत घर निर्माणाधीन हैं।
20 पंचायत घरों के लिए दानदाताओं से आस
अलीगढ़। जिले की 20 ग्राम पंचायतों में जगह की कमी के चलते पंचायत घरों का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है। इनमें से 7 पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें भूमि तो है, लेकिन विवाद चल रहा है। शेष में जगह न होने की समस्या से निपटने के लिए दानदाताओं का सहारा लिया जा रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति पंचायत घर के लिए जमीन दान कर सकता है।
पंचायत सहायकों की तैनाती भी है रोड़ा
अलीगढ़। ग्राम सचिवालय योजना का पंचायत सहायकों के माध्यम से संचालन होना है, लेकिन प्रशासन भरसक प्रयासों के बाद भी अब तक 837 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों से अनुबंध कर सका है। इनमें से भी 34 सहायकों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद अभी भी 64 पंचायत सहायकों की तैनाती होनी बाकी है।
जिले में निर्माणाधीन 161 पंचायत घरों का निर्माण दस मार्च तक पूर्ण करने का अल्टीमेटम जारी किया गया है। जिन ग्राम पंचायतों में जगह नहीं है या फिर विवादों के घेरे में हैं, उनमें दानदाताओं का सहारा लेकर पंचायत घर बनवाने के प्रयास चल रहे हैं। विवादों को भी सुलझाने के प्रयास हो रहे हैं। पंचायत घरों का निर्माण पूर्ण होते ही ग्राम सचिवालय व्यवस्था शुरू करा दी जाएगी।
- धनंजय जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी