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पंचायत चुनाव : वार्ड छह, सात और आठ पर पूर्णिमा का ‘ग्रहण’

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रेनू वर्मा- केपी मिस्त्री की पत्नी। - फोटो : CITY OFFICE
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अतरौली विधानसभा के अंतर्गत आने वाले जिला पंचायत के वार्ड नंबर छह, सात और आठ पर भाजपा के प्रत्याशियों का चयन करने में दिन-रात की उठापटक जारी है। वार्ड नंबर छह से पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पौत्री एवं एटा सांसद राजवीर सिंह ‘राजू’ की बेटी पूर्णिमा सिंह की दावेदारी होने से बाकी दो वार्ड के टिकटों पर ‘ग्रहण’ लग गया है। कारण ये है कि वार्ड छह पर पूर्णिमा के सामने खड़े होने जा रहे निर्दलीय केपी मिस्त्री को काफी मान मनौव्वल के बाद बैठाया नहीं जा सका है। ऐसे में पूर्णिमा के लिए दो अन्य वार्डों पर विचार जारी है, जिसमें वार्ड सात और आठ हैं। सात पर चौमुहा के डॉ. रवेंद्र सिंह की दावेदारी है, आठ पर राजेश भारद्वाज की पुत्र वधू खुशबू हैं। खास बात ये है कि पूर्णिमा सिंह, केपी मिस्त्री और डा. रवेंद्र सिंह, तीनों ही लोधी समाज के हैं और तीनों वार्ड पर इनका अच्छा वोट बैैंक है।
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वर्ष 2012 में भाजपा के टिकट पर अतरौली विधानसभा का चुनाव लड़ चुके राजेश भारद्वाज का कहना है कि वार्ड नंबर छह पर निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य केपी मिस्त्री हैं। कई प्रयास के बाद भी मिस्त्री को मनाया नहीं जा सका है। वह इस बार अपनी पत्नी रेनू वर्मा को चुनाव लड़ाने में जुटे हैं। इसलिए वार्ड नंबर आठ को पूर्णिमा सिंह के लिए सुरक्षित विकल्प के तौर पर अब तक रिजर्व रखा गया है, जिसकी वजह से इस वार्ड पर उनके बेटे अमन भारद्वाज की बहू खुशबू भारद्वाज की दावेदारी लटकाई जा रही है अन्यथा उनकी बहू की दावेदारी तय थी। इसी तरह से वार्ड नंबर सात को भी तीसरे विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है, जहां से चौमुहा के डा. रवेंद्र सिंह के अलावा रूप सिंह पहलवान और राकेश लोधी भी दावेदार हैं। वार्ड नंबर आठ में खुशबू के अलावा डॉ पुष्पेंद्र लोधी भी कतार में हैं।
राजेश भारद्वाज ने कहा कि भाजपा के सह संगठन मंत्री कर्मबीर सिंह और भाजपा बृजक्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी को पूरा प्रकरण बताया गया है। वह खुद दो दिन पहले अपने लोगों से अतरौली की पंचायत कर चुके हैं और सर्वसमाज से रायशुमारी करने के बाद अब चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। उनका दुख ये भी है कि स्थानीय भाजपा नेता उनको ‘बाहरी’ कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनको आठ नंबर वार्ड के बदले वार्ड नंबर-3 और वार्ड नंबर-20 पर र्निविरोध जिताने का भरोसा दिलाया है, लेकिन वह आठ नंबर छोड़ कर नहीं जाएंगे। अगर वह वार्ड नंबर-8 के लिए बाहरी हैं तो वार्ड नंबर 3 और 20 के लिए स्थानीय कैसे हो जाएंगे। अतरौली में तीन नंबर और आठ नंबर वार्ड ही अनारक्षित हैं। अगर इन वार्डों पर भी सामान्य श्रेणी को मौका नहीं मिला तो वह कहां जाएंगे। गौर हो कि वार्ड नंबर आठ में लगभग 36 हजार मतदाता हैं, जिसमें 9500 लोधी, 4500 ब्राह्मण, 4500 जाट, 3000 मुसलमान, 3000 जाटव, 6500 बघेल और 2000 में अन्य जातियां हैं।
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मंगल कलश में हो रहीं चौपालें
अलीगढ़। अतरौली में इन दिनों समर्थन जुटाने के लिए अलग-अलग गुटों की चौपाल और बैठकों का दौर जारी है। कस्बे के केएमवी इंटर कॉलेज रोड पर मंगल कलश गेस्ट हाउस ठिकाना बना है। बीती छह अप्रैल को पूर्णिमा सिंह के समर्थन में चौपाल लगी तो 11 अप्रैल को राजेश भारद्वाज की पुत्रवधु खुशबू के समर्थन में बैठक हुई। दोनों चौपालों में आयोजक जैसा चाहते थे, वैसे ही उनको समर्थन मिला।
वार्ड नंबर छह और आठ का इलाका
अलीगढ़। वार्ड संख्या छह ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। इस वार्ड में क्षेत्र पंचायत के 10 से 17, 58 से 64, 86 व 88 और 88 से 97 तक कुल 26 वार्ड हैं। लगभग 35 हजार वोटर हैं। वार्ड संख्या आठ अनारक्षित है। इसमें क्षेत्र पंचायत के 35 से 46, 47 से 81, 98 से 104 तक कुल 27 वार्ड हैं। यहां लगभग 36 हजार वोटर हैं।

पूर्णिमा सिंह। एटा सांसद राजवीर सिंह राजू के बेटी।- फोटो : CITY OFFICE

खुशबू भारद्वाज- फोटो : CITY OFFICE

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