फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh: चित्रकार शिवाशीष ने कैनवास पर उकेरी रामलला की प्रतिकृति, ये है असली आभूषणों की ऑयल पेंटिंग

Thu, 02 May 2024 05:28 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ के शिवाशीष शर्मा ने इस बार अयोध्या में विराजमान रामलला की ऑयल पेंटिंग बनाकर देश में इतिहास रच दिया है। वह रामलला और उनके असली आभूषणों की ऑयल पेंटिंग बनाने वाले पहले युवा भी बन गए हैं।
विज्ञापन
चित्रकार शिवाशीष शर्मा ने दो महीनों में तैयार की राम लला की ऑइल पेंटिंग - फोटो : स्वयं
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अपनी चित्रकारी के लिए मशहूर शिवाशीष शर्मा ने अपनी कूंची से रामलला की ऑयल पेंटिंग तैयार कर जिले का नाम एक बार फिर रोशन किया है। इस पेंटिंग को बनाने में उन्हें दो महीने का समय लगा है। पेंटिंग में असली आभूषणों की प्रतिकृति बनाई गई है। लखनऊ के प्रसिद्ध हरसहाय मल श्यामलाल (एचएस) ज्वेलर्स ने शिवाशीष को इसे बनाने के लिए प्रेरित किया था। ये वहीं एचएस ज्वेलर्स हैं, जिन्होंने रामलला के आभूषण तैयार किए हैं।

विज्ञापन


अलीगढ़ के शिवाशीष शर्मा ने इस बार अयोध्या में विराजमान रामलला की ऑयल पेंटिंग बनाकर देश में इतिहास रच दिया है। वह रामलला और उनके असली आभूषणों की ऑयल पेंटिंग बनाने वाले पहले युवा भी बन गए हैं। कर्नाटक के मैसूर के अरुण योगीराज ने रामलला की प्रतिमा तैयार की थी, जिसके बाद अब शिवाशीष ने उनकी प्रतिकृति को ऑयल पेंटिंग के जरिये कैनवास पर उकेरा है। 

शिवाशीष बताते हैं कि लखनऊ के प्रसिद्ध हरसहाय मल श्यामलाल ज्वेलर्स के मालिक अंकुर आनंद और उनकी पत्नी कनुप्रिया आनंद ने उन्हें पेंटिंग बनाने के लिए प्रेरित किया। अंकुर आनंद हिक्स थर्मामीटर के प्रबंध निदेशक हरि प्रकाश गुप्ता के दामाद भी हैं। अब ये पेंटिंग उनके शोरूम की शोभा बढ़ाएंगी। शिवाशीष बताते हैं कि वैसे तो ये पेंटिंग अनमोल है, लेकिन इसे बनाने में करीब 1.5 लाख का खर्च आया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

असली गहनों की फोटो से तैयार की पेंटिंग

चित्रकार शिवाशीष ने बताया कि रामलला की पेंटिंग में सारे गहनों को बहुत बारीकी से बनाया गया है। लखनऊ के एच एस ज्वेलर्स ने शिवाशीष को रामलला के असली आभूषणों की फोटो उपलब्ध कराई। करीब दो माह तक बहुत बारीक कार्य करने के बाद यह पेंटिंग तैयार हुई है।

पेंटिंग बनाने से पहले घबराए, पिता बने प्रेरणास्रोत
शिवाशीष ने बताया कि वह पेंटिंग शुरू करने से पहले थोड़ा घबरा रहे थे, लेकिन उनके पिता वरिष्ठ कवि प्रेम किशोर पटाखा उनके लिए प्रेरणास्रोत बने। वह कहते हैं कि जिनके दिल में हौसला होता है, उन्हीं के पक्ष में फैसला होता है। पेंटिंग बनाते समय उन्हें एक अलग ही शक्ति का आभास होता था, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता था।

जल्द ही पेंटिंग का करेंगे अनावरण
शिवाशीष कहते हैं कि इस पेंटिंग का अनावरण कार्यक्रम अलीगढ़ में रखा जाएगा, जिसमें अलीगढ़ के सभी संतों को आमंत्रित करेंगे। बहुत जल्द शिवाशीष को लखनऊ में इसके लिए सम्मानित भी किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें