चित्रकार शिवाशीष ने बताया कि रामलला की पेंटिंग में सारे गहनों को बहुत बारीकी से बनाया गया है। लखनऊ के एच एस ज्वेलर्स ने शिवाशीष को रामलला के असली आभूषणों की फोटो उपलब्ध कराई। करीब दो माह तक बहुत बारीक कार्य करने के बाद यह पेंटिंग तैयार हुई है।
पेंटिंग बनाने से पहले घबराए, पिता बने प्रेरणास्रोत
शिवाशीष ने बताया कि वह पेंटिंग शुरू करने से पहले थोड़ा घबरा रहे थे, लेकिन उनके पिता वरिष्ठ कवि प्रेम किशोर पटाखा उनके लिए प्रेरणास्रोत बने। वह कहते हैं कि जिनके दिल में हौसला होता है, उन्हीं के पक्ष में फैसला होता है। पेंटिंग बनाते समय उन्हें एक अलग ही शक्ति का आभास होता था, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता था।
जल्द ही पेंटिंग का करेंगे अनावरण
शिवाशीष कहते हैं कि इस पेंटिंग का अनावरण कार्यक्रम अलीगढ़ में रखा जाएगा, जिसमें अलीगढ़ के सभी संतों को आमंत्रित करेंगे। बहुत जल्द शिवाशीष को लखनऊ में इसके लिए सम्मानित भी किया जाएगा।