किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। मेधावी छात्राओं को जिस तरह स्कूटी देने का योगी सरकार वादा किया है, वह 15 लाख वाले की तरह जुमला है। गरीब जनता, बेरोजगार नौजवानों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में कुछ भी नहीं है। यह बजट सिर्फ एक लॉलीपॉप की तरह है। किसानों के हितों की अनदेखी की गई है। -शाकिर मलिक, पूर्व पार्षद, अध्यक्ष, हिंदू-मुस्लिम समाज सेवा
बजट में दवाइयों पर टैक्स एक समान होना चाहिए। कुछ दवाओं पर 5, 12, 16, 18 फीसदी तक टैक्स है, जिस पर टैक्स नहीं होता तो गरीब जनता को लाभ पहुंचता। पूरे प्रदेश में जो बिना ड्रग लाइसेंस की दवाओं की दुकान चल रही है, जनरल स्टोर, कास्मेटिक स्टोर, अपंजीकृत डॉक्टर, जर्राह डिस्पेंसरी के यहां दवाएं बिक रही हैं, जिससे सरकार की आर्थिक हानि हो रही है। अभियान चलाकर कार्रवाई होनी चाहिए।- शैलेंद्र सिंह टिल्लू, अध्यक्ष, जिला अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
यूपी सरकार का बजट जनहित और जनकल्याण का ज्यादा होता तो यह बेहतर होता। महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ेपन को दूर करने और आमजन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के प्रति पर्याप्त सरकार की नीयत में कमी है। यह बजट सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय वाला होना चाहिए। मगर ऐसा बजट में बिल्कुल देखने को नहीं मिला। -रतनदीप सिंह, जिला प्रभारी, बसपा
बजट नौजवान व किसान विरोधी है। युवा और शिक्षित बेरोजगारों को लेकर कोई उपाय न होने से युवा निराश हैं। प्रदेश लगातार शिक्षा, चिकित्सा और राेजगार के मामले में पिछड़ता जा रहा है। प्रदेश की जनता महंगाई की मार से परेशान है। हजारों सरकारी विद्यालय बंद कर दिए गए। योगी सरकार खुद अपनी पीठ थपथपा रही है। -गुफरान नूर, मंडलाध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
यूपी सरकार का बजट जनता के मनमाफिक नहीं है। किसानों, युवाओं की बजट में अनदेखी हुई है। छात्राओं को स्कूटी देने की बात कही गई है, जो समझ से परे है। यह भी जुमला साबित होगा। जल्द ही छात्राओं को स्कूटी मिलेगी, यह आश्वासन दिया जाता रहेगा। भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। जनकल्याणकारी बजट नहीं है। -आमिर आबिद, सपा नेता