एएमयू में हथियारों के जखीरे और उसका खुला प्रदर्शन वाकई चुनौतीपूर्ण है। मगर इस पर अंकुश और कैंपस में रहने वाले बाहरी आपराधिक गतिविधियों वाले लोगों पर रोकथाम के लिए दो सप्ताह में कैंपस में ऑपरेशन क्लीन अप चलाया जाएगा। इसके लिए एएमयू कुलपति व डीआईजी के बीच गुप्त मंत्रणा हो गई है। आरएएफ की मदद से यह अभियान चलाया जाएगा और किसी भी विरोध को भी सख्ती से निपटा जाएगा।
पीटीआई से बातचीत में एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने अपने बयान में कहा है कि इस घटना से यह तो लग रहा है कि कैंपस में हथियार, बाहरी युवक व निलंबित छात्र हैं। इसके लिए ऑपरेशन क्लीनअप चलाए जाने की जरूरत है और यह अभियान दो सप्ताह में चलाया जाएगा। आरएएफ से मदद ली जाएगी। जिला पुलिस को भी साथ रखा जाएगा। अपराधियों को पूरी तरह कैंपस में प्रतिबंधित किया जाएगा। छात्रों की क्षेत्रीय गुटबंदी को भी इस अभियान में खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद जुलाई में नए सत्र में छात्रों को हॉस्टल नए सिरे से आवंटित किए जाएंगे।