घटना के बाद कुछ ग्रामीणों ने भेड़िया द्वारा मासूम को मारने की भी बात कही। हालांकि ज्यादातर ग्रामीण सियार द्वारा ही मासूम को नोचकर मारने की बात कह रहे थे।
गंगीरी के गांव नगला सुम्मेर में खेत में पेड़ के नीचे सो रही एक साल की मासूम को सियार उठाकर पास ही बाजरे के खेत में ले गया। उसके चेहरे सहित हाथ-पैर को नोचकर खाने के बाद भाग गया। सोमवार की शाम करीब चार बजे की है। बुरी तरह से लहूलुहान मासूम को परिजन छर्रा के एक अस्पताल में ले गए जहां उसने दम तोड़ दिया।
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खास बात यह है कि समीप ही माता-पिता अपने खेत में बाजरा काट रहे थे। बेटी को खेत के किनारे एक पेड़ के नीचे सुला दिया था। उधर घटना के बाद कुछ ग्रामीणों ने भेड़िया द्वारा मासूम को मारने की बात कही गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण सियार द्वारा ही मारे की बात कह रहे थे।
गांव नगला सुम्मेर निवासी नेम सिंह के अनुसार वह अपनी पत्नी के साथ अपने खेत में बाजरा काट रहे थे। अपनी एक साल की बेटी हर्षिता को खेत के किनारे एक पेड़ के नीचे लिटा दिया था। अचानक वहां आया सियार बेटी को उठाकर दूसरे खेत में ले गया। उसके चेहरे, हाथ-पैर को नोचकर खा लिया। इससे हर्षिता बुरी तरह से घायल हो गई। शरीर का काफी खून बह गया।
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उधर बाजरा काट रहे नेम सिंह कुछ देर बाद वह पेड़ के नीचे पहुंचे तो बेटी को न पाकर इधर-उधर तलाश करने लगे। खोजते हुए कुछ दूरी पर एक खेत में उनकी बेटी घायल अवस्था में मिली। वह बेटी को छर्रा के एक अस्पताल में ले गए जहां उसकी मौत हो गई। नेम सिंह के दो बेटे 10 साल और 8 साल के हैं। बेटी हर्षिता एक साल की थी।