सरकार के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर को स्थापित करने की रफ्तार में अफसरों की लापरवाही बड़ी बाधा बन रही है। सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए बजट जारी कर रही है लेकिन यूपीडा के अफसर हैं कि खर्च ही नहीं कर पा रहे। सरकार द्वारा परियोजना के विकास के लिए भेजी गई धनराशि में से 49 करोड़ खर्च ही नहीं हुए। अब यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अफसरों से जवाब-तलब किया है।
प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ समेत छह जनपदों में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना शुरू की थी। इसका मकसद प्रदेश को रक्षा उत्पाद में आत्म निर्भर बनाकर विकास करना था। इस पर प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार ने पूरे जोरशोर से कार्य किया। प्रदेश में उप्र. एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा गया। इसके लिए सरकार ने अलीगढ़ को 248.9600 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए थे। इन धनराशि से डिफेंस कॉरिडोर का विकास होना था। जिससे जिले से लेकर बाहर की कंपनियां आकर रक्षा उत्पाद में बेहतर कार्य कर सकें।
खर्च धनराशि का सभी जिलों से उपयोगिता प्रमाण पत्र हर माह की पांच तारीख को लखनऊ के अधिकारियों ने मांगा था। इसका मकसद डिफेंस कॉरिडोर के विकास में धन की कमी आने पर तत्काल मुहैया कराया जा सके। मगर जिले के अधिकारियों ने इसमें भी भारी लापरवाही बरती। जिले के यूपीडा अधिकारी तो शासन की ओर से जारी बजट को पूरा खर्च नहीं कर सके, दूसरे सही सूचनाएं भी लखनऊ नहीं भेजी। ऐसे में यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अलीगढ़ समेत छह जिलों के अधिकारियों को पत्र भेज कर उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा है। धन खर्च क्यों नहीं हो सका इसके लिए स्पष्टीकरण मांगा है।
जमीन अधिग्रहण के लिए पैसा है। हम जल्द ही प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे और कॉरिडोर के लिए निर्धारित जमीन लेकर उसका भुगतान भी करवाएंगे। उसी मद में पैसा खर्च भी होगा।- संजीव सुमन, जिलाधिकारी