अधिकारियों के साथ विकास कार्यो की मासिक समीक्षा बैठक करते जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह।
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डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी अपने तैनाती वाले स्थल पर ही रात्रि विश्राम करें और जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराकर राहत देने का काम करें। बिना अनुमति कोई भी अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। मुख्यमंत्री के भी यही आदेश हैं। ऐसा न करना अवहेलना की श्रेणी में होगा। संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने साफ किया कि जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान कराया जाए। समस्या निदान के दौरान ऐसा कोई झूठा वादा न किया जाए जो पूरा न हो सके। उन्होंने कहा कि वे शासन द्वारा तय किए गए वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अपने-अपने विभागों के लक्ष्यों को पूरा कराएं। उन्होंने गोल्डन हेल्थ कार्ड बनाए जाने की खराब प्रगति पर कड़ी फटकार लगाई।
अधूरे काम पर नाराजगी, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को नोटिस
डीएम ने पीडब्लूडी विभाग की समीक्षा में 32 कामों से मात्र दो काम ही पूरे होने पर नाराजगी जताई। पलवल-टप्पल-अलीगढ़ मार्ग पर यूटिलिटी शिफ्टिंग, यात्रीशेड निर्माण न करने, विद्युत पोल की शिफ्टिंग के बिना एनएचएआई द्वारा हैंडओवर करने पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए एक्सईएन पीडब्लूडी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब विधायक एवं सांसद निधि से किए गए निर्माण को तोड़ा गया है तो उसे डीपीआर में क्यों नहीं लिया गया है। डीएम ने कहा कि सभी रजवाहे व नालों की सफाई 20 जून तक पूर्ण करा ली जाए। डीएम ने डीएफओ को ऑक्सीजन रोड विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही, दीनदयाल अस्पताल को 200 से 300, अतरौली को 100 शैय्या युक्त बनाए जाने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।