फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस हत्याकांड में नया खुलासा: खराब थे आर्थिक हालात, किराये के सहारे था परिवार, एक वर्ष से जमा नहीं किस्तें

Fri, 24 Jan 2025 01:40 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस

सार

पुलिस की प्रारंभिक बातचीत में महिला वीरांगना ने घायल अवस्था में एंबुलेंस में अस्पताल जाते समय जो जानकारी दी, उसमें यह बात स्वीकारी है कि विकास हमारे पूरे परिवार को मारकर हमारी प्रॉपर्टी को हथियाना चाहता है।
विज्ञापन
सृष्टि (ऊपर) और विधि (नीचे) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षक छोटेलाल गौतम का परिवार इन दिनों बेहद आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। लकवा होने के चलते कॉलेज नहीं जा पा रहे थे और उनका वेतन तक रुक गया था। देयकों का भी भुगतान नहीं हो रहा था। हालात ये थे कि एक वर्ष से मकान व कार के ऋण की किस्तें भी जमा नहीं हो पा रही थीं। परिवार में हुई इस वारदात की खबर पर आए साथी शिक्षकों में इस बात को लेकर खासा रोष दिखा।

विज्ञापन


छोटेलाल गौतम वर्ष 2003 में मीतई के जवाहर स्मारक इंटर कॉलेज में भूगोल के प्रवक्ता पद पर ज्वाइन किया था। वे क्षेत्र में अच्छे शिक्षक के रूप में जाने जाते थे। चार वर्ष पहले ही वे अपने इस मकान में आए थे।इससे पहले विभव नगर में किराए के मकान में रहते थे। 22 फरवरी 2024 की रात ब्रेन हेमरेज होने के दौरान लकवा हुआ था। तब से अब तक इलाज होने के बाद भी ज्यादा सुधार नहीं हो सका था।इस दौरान से ही विद्यालय की ओर से वेतन नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि मेडिकल क्लेम करने के बाद भी अन्य देयों का भुगतान भी नहीं किया गया। इसके चलते घर में आर्थिक तंगी की स्थिति बनी हुई थी।

यहां मौजूद शिक्षकों ने बताया कि एडी हेल्थ के जरिए भी रिपोर्ट तैयार कराकर डीआईओएस कार्यालय में भेजी गई थी, लेकिन फिर भी कोई भुगतान नहीं किया गया। मकान के प्रथम तल को किराए पर देने के चलते परिवार का पालन पोषण चल रहा था। बीमार होने के चलते खर्चे भी अधिक हो रहे थे। एक वर्ष से तो कार व मकान के ऋण की किश्तें भी जमा नहीं हो पाई थीं। इधर, भुगतान न होने के चलते घटना पर पहुंचे शिक्षकों में रोष दिखाई दिया। शासनादेश के अनुसार स्वस्थ होकर वापस आने के बाद ही वेतन निकलने का प्रावधान है। पिछले सप्ताह विद्यालय का कंट्रोलर नामित कर दिया गया है। वह वेतन बिल बनकर भेजेंगे तब शिक्षक का वेतन निकल सकेगा।-संत प्रकाश, डीआइओएस।

हमें मारकर शायद प्रॉपर्टी लेना चाहते थे हत्यारे: वीरांगना
पुलिस की प्रारंभिक बातचीत में महिला वीरांगना ने घायल अवस्था में एंबुलेंस में अस्पताल जाते समय जो जानकारी दी, उसमें यह बात स्वीकारी है कि विकास हमारे पूरे परिवार को मारकर हमारी प्रॉपर्टी को हथियाना चाहता है। घायल के इस बयान के बाद पुलिस इस बिंदु पर भी जांच में जुट गई है। हालांकि अभी घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस कॉल डिटेल के साथ साथ अन्य बिंदुओं को खंगाल रही है।

अपने साथ लेकर आए थे धारदार हथियार
हत्यारों ने हत्या करते वक्त पूरी क्रूरता का परिचय दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हत्यारों ने तेज धारदार हथियार से दोनों मासूमों का एक बार में गला रेत दिया है। रिपोर्ट के अनुसार गले पर एक ही बार में कटने का निशान आया है। गला कटने के बाद खून बहता रहा है। गले की खाल हल्की होने की वजह से एक ही बार में कट गई और खून बहता रहा। इधर, पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि हत्यारे अपने साथ ही धारदार हथियार लेकर आए थे। पुलिस को घर की तलाशी के दौरान किचिन का चाकू मौके पर ही मिला है, जिससे किसी भी प्रकार की कोई वारदात नहीं हुई है। माना जा रहा हैकि हथियार अपने साथ ही लाए और उसे ले गए।

वीरांगना ने अपनी सहेली को कराया था कॉल
घटना के बाद पड़ोसियों के जरिए वीरांगना ने कुरसंडा में रहने वाली सहेली को फोन के जरिए घटना की सूचना दी। सूचना पर कुरसंडा की सहेली ने अपने भाई जो कि रमनपुर में रहता था उसे मौके पर भेजा और पूरी जानकारी हासिल की।
विज्ञापन

बिना माता-पिता के हुआ अंतिम संस्कार
मासूम विधि व सृष्टि का देर शाम को पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद दोनों मासूमों के शवों को उनके ननिहाल पक्ष से मामा आदि रिश्तेदार अपने साथ घर ले गए। यहां से कलवारी स्थित श्मसान में अंतिम संस्कार किया गया। माता -पिता का अलीगढ़ में उपचार होने के चलते बिना माता पिता के ही दोनों का अंतिम संस्कार किया। इस मौके पर कॉलोनी वासियों व रिश्तेदारों की आंखें नम थीं।

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें