विधानसभा चुनाव 2022 की घोषणा होने से पहले से सभी तैयारियों को मुकम्मल किया जा रहा है। इस सिलसिले में बूथों के पुनर्गठन पर बड़ी कवायद चल रही है, ताकि कोरोना संक्रमण काल को ध्यान में रखते हुए मतदान के मौके पर सामाजिक दूरी का पालन सख्ती से कराया जा सके। वहीं पहली नवंबर से यूथ को वोटर बनाने के फार्म लेना शुरू हो जाएगा। स्कूल कॉलेजों में जल्द ही यूथ फेस्टिवल कर युवाओं के वोटरकार्ड बनवाए जाएंगे।
सोमवार को इसी क्रम में दिल्ली और लखनऊ के निर्वाचन आयोग कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नए सॉफ्टवेयरों को लेकर प्रशिक्षण भी दिया गया। कलेक्ट्रेट के एनआईसी सभागार में हुए इस प्रशिक्षण में जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी, सिटी मजिस्ट्रेट, सभी एसडीएम, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार और एनआईसी के प्रभारी अधिकारी प्रवीण कुमार मौजूद रहे।
सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए अबकी बार एक बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं होंगे, पहले ये संख्या 1400 थी। वर्तमान में जिले में 3021 बूथ हैं। नए मानकों के अनुसार बूथों के पुनर्गठन के लिए एसडीएम लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। पांच बूथों वाले मतदान केंद्रों पर भीड़ कम करने पर फोकस किया जा रहा है। नए सिरे से बूथों के पुनर्गठन के प्रस्ताव 21 अगस्त से आएंगे। जिसके बाद बूथों की संख्या बढ़ जाएगी। तकरीबन 50 बूथ ऐसे हो सकते हैं, जिनमें 1400 के करीब वोटर संख्या हो सकती है।
जिले में लगभग 26 लाख 36 हजार 713 वोटर हैं। जिसमें 12,22008 महिलाएं, 14,14547 पुरुष और 131 अदर्स वोटर हैं। पहली जनवरी 2022 को जिनकी उम्र 21 वर्ष हो जाएगी, वो वोटर बनने के लिए पहली नवंबर 2021 से फार्म भर सकते है। इसके लिए जिले के सभी स्कूल कॉलेजों के प्रधानाचार्य और प्राचार्यों से छात्र-छात्राओं के शत प्रतिशत वोट बनवाने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित दिए हैं कि जिन छात्र-छात्राओं के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है। उन युवाओं के लिए स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए विद्यालयों में यूथ फेस्टिवल आयोजित कर वोटर आईडी कार्ड बनाए जाएं। नए वोटर फार्म नंबर-6, त्रुटि दूर करने के लिए फार्म नंबर-8, नाम कटवाने के लिए फार्म नंबर-7 भरा जाएगा।
इस बार दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं को निकटवर्ती बूथ पर मतदान की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए बीएलओ और बीएलए (राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट) के बीच समन्वय बनाया जा रहा हैै। राजनीतिक दलों से उनके बूथ लेवल एजेंट के पहचान पत्र बनवाने के लिए एजेंटों की लिस्ट मांगी गई है।
गौर हो कि जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे धनीपुर मंडी स्थित स्ट्रांग रूम, कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम वेयर हाउस का निरीक्षण कर वहां सुविधाओं को पुख्ता करने के साथ कड़ी सुरक्षा रखने का निर्देश दे चुकी हैं। जिला प्रशासन चुनाव की तैयारियों को लेकर रोजाना के तयशुदा शेडयूल पर तेजी से काम कर रहा है। जिससे अचानक चुनाव का एलान होने पर तैयारियां करने की हड़बड़ी न हो।