पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी रहे मुनीर का दाहिना हाथ कहे जाने वाले अपराधी जुबैर को दिल्ली की तिहाड़ जेल से अलीगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया गया है। वर्ष 2018 में आपसी रंगबाजी में एएमयू के हबीब हॉल के पास शाहबेज हत्याकांड के बाद फरार हुए जुबैर पर सिविल लाइंस से 20 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था। बाद में उसे एक लूट के मुकदमे में पत्नी सहित दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया था।
बरला क्षेत्र के गांव नौसे हाल क्वार्सी निवासी जुबैर के अलावा उसके भाई यासिर, फहद व सद्दाम का अलीगढ़ व दिल्ली में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जिनमें सद्दाम की पान दरीबा में रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या कर लूटी गई सरकारी पिस्टल से जुड़े विवाद में मुनीर व जुबैर ने हत्या कर दी। मुनीर के जेल जाने के बाद जुबैर ने शहर में मुनीर के गिरोह की कमान संभाली।
2018 में जुबैर का शाहबेज नाम के युवक से टकराव हुआ। तभी उस पर लालडिग्गी पर गोली मारी। मगर उस समय वह बच गया व एक स्कूली छात्रा की गोली लगने से जान चली गई। वरिष्ठ अधीक्षक कारागार बृजेंद्र सिंह यादव के अनुसार उसे संवेदनशील अपराधियों की श्रेणी में विशेष निगरानी में रखा गया है।