गणेश चतुर्थी, रामलीला, श्रीकृष्ण लीला, नवरात्र, सरयू पार लीला और दशहरा को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 12 सितंबर से 22 अक्तूबर तक 1250 सफाईकर्मी शहर की व्यवस्था संभालेंगे।
धार्मिक आयोजनों, शोभायात्रा और रावण दहन स्थल पर सफाई, पेयजल, जल निकासी, प्रकाश और अतिक्रमण जैसी व्यवस्थाओं के लिए 25 अधिकारी-कर्मचारियों के साथ 1250 सफाईकर्मियों की 80 टीमें लगाई गई हैं। ये टीमें दशहरा तक सक्रिय रहेंगी।
महापौर प्रशांत सिंघल और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने शुक्रवार शाम रामलीला भवन और अचल सरोवर का निरीक्षण किया। इस दौरान रामलीला समिति के पदाधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई।
चार सेक्टरों में बांटा शहर :
शोभायात्रा मार्ग और रावण दहन स्थल की निगरानी के लिए शहर को चार सेक्टरों में बांटा गया है। अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव को वरिष्ठ नोडल अधिकारी बनाया गया है। सेक्टर-1 में सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव, सेक्टर-2 में जोनल प्रभारी मयंक चौधरी, सेक्टर-3 में कर निर्धारण अधिकारी आशीष कुमार सेठ और सेक्टर-4 में सहायक नगर आयुक्त परितोष मिश्रा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
रोज होगी मार्गों की निगरानी :
नगर आयुक्त ने शोभायात्रा मार्गों से अतिक्रमण हटाने और रोज निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रवर्तन दल अवैध अतिक्रमण मिलने पर सामान जब्त करेगा। रामलीला मैदान, अचल सरोवर, नुमाइश मैदान और धार्मिक स्थलों पर विशेष सफाई, फॉगिंग, कूड़ा उठान और चूना छिड़काव कराया जाएगा।
सड़कों के गड्ढे और क्षतिग्रस्त पुलिया या स्लैब तत्काल ठीक कराए जाएंगे। जलभराव रोकने के लिए जलकल विभाग को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार प्रमुख स्थलों पर पानी के टैंकर भी उपलब्ध रहेंगे।
छुट्टा पशुओं पर भी नजर
बाजारों में छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए अतिरिक्त टीमें लगाई जाएंगी। व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम 1533 सक्रिय रहेगा। महापौर ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।