नगर निगम के विशेष अधिवेशन में महापौर मो. फुरकान से वार्ड नंबर 57 के पार्षद शाहिद मलिक उलझ गए। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। महापौर पर माइक बंद करवाने का आरोप लगाकर पार्षद बाहर चले गए। उन्होंने कहा कि महापौर तानाशाही कर रहे हैं। महापौर ने कहा कि पार्षद उनके खिलाफ सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट डालते हैं। वहीं, जलभराव, पेयजल एवं नगर की अन्य समस्याओं को भी पार्षदों ने उठाया। संपत्ति कर से संबंधित प्रस्ताव में कुछ संशोधन के बाद लागू करने का निर्देश दिए गए।
बकरीद के समय वार्ड नंबर 57 के जीवनगढ़ में दूषित जल पीने से काफी लोग बीमार हुए थे और एक बच्चे की मौत हो गई थी। पार्षद शाहिद मलिक ने बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। महापौर मो. फुरकान पर आरोप लगाया कि बच्चे की मौत की सूचना के बाद भी वह जीवनगढ़ में नहीं गए। पार्षद के तेवर के बाद महापौर नाराज हो गए। अधिकारी भी बीचबचाव में आ गए।
पार्षदों ने जलभराव व पेयजल के अतिरिक्त नगर की अन्य समस्याओं को उठाया। महापौर ने जल निगम के अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने की चेतावनी दी। सभी नलकूप को चालू कराने एवं खोदी गई सड़कों को ठीक कराने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने कहा कि पार्षदों के सुझाव पर पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलकल एवं जल निगम की संयुक्त टीम द्वारा रिबोर कराए नलों का भौतिक सत्यापन के बाद ही भुगतान की जाएगी। संपत्ति कर से संबंधित प्रस्ताव में कुछ संशोधन कर लागू करने का निर्देश दिया गया। विधायक संजीव राजा के नगर निगम के स्वामित्व वाले 8 सड़कों का निर्माण कराने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया।
अधिवेशन में उप सभापति डॉ. दिनेश शर्मा, कुलदीप पांडेय, पुष्पेंद्र सिंह जादौन, विजय तोमर, दिनेश गुप्ता, संजय पंडित, अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, उप नगर आयुक्त राज किशोर, सहायक नगर आयुक्त ठाकुर प्रसाद, सचिव सचिवालय विनय राय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी ओपी गौतम आदि मौजूद रहे।
कल्याण सिंह एवं मृत पार्षदों को दी गई श्रद्धांजलि
नगर निगम के विशेष अधिवेशन में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। पार्षद रिजवान हुसैन मिंटो एवं अमरुद्दीन की मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की गई। दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। 20 मिनट के लिए अधिवेशन को स्थगित किया गया।
नगर आयुक्त ने दिया परिचय
नगर आयुक्त गौरांग राठी का यह पहला अधिवेशन था। उन्होंने सदस्यों को अपना परिचय दिया। कुलदीप पांडेय ने सेंटर प्वाइंट पर तिरंगा स्थापना की सूचना पार्षदों को न देने की बात उठाई। महापौर एवं नगर आयुक्त ने भविष्य में इस तरह की गलती न होने की बात कही।