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मोटर दुर्घटना ट्रिब्यूनल प्रदेश में फिर अव्वल

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राष्ट्रीय लोक अदालत के क्रम में शनिवार को मोटर दुर्घटना प्रतिकर ट्रिब्यूनल (एमएसीपी) ने प्रदेश में फिर पहला स्थान पाया है। स्थानीय ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश संजय सिंह प्रथम ने कुल 215 वाद निस्तारित करते हुए 13 करोड़ 4 लाख 22 हजार की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़ित पक्ष को दिलाई है। प्रदेश में मुजफ्फरनगर में 107 वाद निस्तारित किए गए हैं।
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ट्रिब्यूनल में लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश संजय सिंह प्रथम ने कहा कि लोक अदालत त्वरित न्याय सुनिश्चित करती हैं, क्योंकि यह किसी भी उपयुक्त स्थान पर, स्थानीय भाषा में, न्यायपालिका की प्रणाली को सरल प्रक्रिया के माध्यम से मामलों को सुलझाने का प्रयास करती है। अत: लोक अदालत के आयोजन न्याय के लिए त्योहार भी कहे जाते हैं।
इस मौके पर दुर्घटना संबंधी वादों के निस्तारण के क्रम में 2017 के वाद महादेवी बनाम यूनाइटेड इंश्योरेंस का निस्तारण कराते हुए महादेवी निवासी जलालपुर को 2.40 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। सबसे पुराने वाद 2013 के कमल सिंह बनाम आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी का निस्तारण करते हुए 3 लाख 50 हजार रुपये का चेक व सबसे नए वाद 2021 के शाहरुख बनाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में पीड़ित को 4 लाख 80 हजार रुपये दिलवाए।
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इसके अलावा 2019 के वाद सुनीता बनाम ओरियेंटल इंश्योरेंस कंपनी में सबसे अधिकतम प्रतिकर 24 लाख 98 हजार रुपये निर्धारित किया और 2018 के वाद रोहित बनाम ओआईसी में सबसे कम 5 हजार रुपये प्रतिकर निर्धारित किया। यहां कुल 248 वाद निस्तारण के लिए दर्ज किए गए थे। कुल 215 वादों में दोनों पक्षों के मौजूद रहने के कारण उनका निस्तारण करते हुए कुल 13 करोड़ 4 लाख 22 हजार रुपये प्रतिकर निर्धारित किया। इस मौके पर समस्त स्टाफ आदि मौजूद रहे।
13 वाद निस्तारित किए गए
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी की अध्यक्षता में लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 61 वाद निस्तारण के लिए दर्ज किए गए। यहां 13 वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर करते हुए कुल 6 करोड़ 87 लाख 568 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में निर्धारित किए गए।
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