फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dry Eye Syndrome: मोबाइल के अधिक प्रयोग से कम हो रही आंखों की नमी, युवा- बच्चे हो रहे अधिक शिकार

Sun, 28 Jul 2024 12:08 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

आंखों के सूखेपन के सबसे ज्यादा शिकार युवा और बच्चे हो रहे हैं। प्रतिदिन ओपीडी में 30-35 मरीज इस समस्या के साथ आते हैं, इसमें 80 प्रतिशत युवा और बच्चे ही होते हैं।
विज्ञापन
बिना पलक झपके मोबाइल देखती बच्ची - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप के साथ वीडियो गेम के अधिक प्रयोग से आंखों की नमी कम हो रही है। डॉक्टर इसे ड्राई आई सिंड्रोम कहते हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे और युवा हो रहे हैं। गांधी आई अस्पताल में प्रतिदिन 30-35 मरीज आंखों के सूखेपन का इलाज कराने के लिए आ रहे हैं।

विज्ञापन


नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार स्क्रीन की तेज रोशनी आंखों की नमी को क्षति पहुंचाती है। इससे अनिद्रा और तनाव बढ़ता है। आंखों में एक टियर फिल्म (आंसुओं की परत) होती है। जो नमी बनाए रखने और सुरक्षा कवच के रूप में काम करती है। आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति एक मिनट में 18-20 बार अपनी पलकों को झपकाता है, जिससे खुद ब खुद आंखों में नमी बनी रहती है। स्क्रीन से अधिक देर तक चिपके रहने से नमी कम होने लगती है।

यह हैं लक्षण

  • आंखों में जलन होना, तेज दर्द होना
  • आंखों का लाल हो जाना
  • आंखों में चिपचिपे म्यूकस का जमा हो जाना

विज्ञापन

यह करें उपाय
गांधी आई अस्पताल के सीएमओ डॉ. अजय सक्सेना के अनुसार इस समस्या से निपटने के लिए जरूरी है कि अपने स्क्रीन समय को कम करें। यदि ऐसा संभव नहीं है तो प्रत्येक 20 मिनट बाद एक बार आंखों को 20-30 सेकेंड के लिए विश्राम देना चाहिए। हर 40 से 50 मिनट बाद आंखों को आराम दीजिए।
विज्ञापन


युवा और बच्चे हो रहे अधिक शिकार
डॉ. अजय सक्सेना ने बताया कि आंखों के सूखेपन के सबसे ज्यादा शिकार युवा और बच्चे हो रहे हैं। प्रतिदिन ओपीडी में 30-35 मरीज इस समस्या के साथ आते हैं, इसमें 80 प्रतिशत युवा और बच्चे ही होते हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें