योगश वर्मा ने बताया कि अपने पेट्रोल से चलने वाले स्कूटर में कुछ चीजें जोड़कर उसे बैटरी संग पेट्रोल से चलाने लायक बनाया। योगेश ने स्कूटर में यह यंत्र जोड़े...
- 5 बैटरी आपस में जोड़ीं, जो 60-60 वोल्ट और 120-120 एम्पीयर की थीं। इनकी जगह लीथियम बैटरी का भी उपयोग किया जा सकता है। बैटरी को स्कूटर के अगले हिस्से में पैर रखने वाली जगह पर लगाया गया है।
- पीछे के पहिए के पास एक हब मोटर लगाई, जो 2 किलोवाट, 48 से 72 वोल्ट की है।
- एक कंट्रोलर लगाया, जिससे यह नियंत्रण किया जाता है कि वाहन पेट्रोल से चले या बैटरी से।
- एक्सीलेटर थ्रोटल लगाया, जिससे पेट्रोल और बैटरी से चलने पर एक्सीलेटर पर कंट्रोल किया जाता है।
- कन्वर्टर लगाया, जो 60 वोल्ट को 12 वोल्ट में बदलता है।
- बैटरी डिस्पले लगाया, जिसमें वाहन की बैटरी के प्रतिशत को दिखाया जाता है।
- एक एमसीवी लगाई, अगर पेट्रोल और बैटरी से चलाते समय कोई फॉल्ट हो, तो यह एमसीवी सर्किट कट कर देगी।
- वाहन शुरू करने के लिए चाबी स्वीच लगाया, जैसा की पेट्रोल से चलने वाले वाहन में होता है। इस स्कूटर में दो चाबी लगाने की जगह हैं, एक पेट्रोल से चलाने की और दूसरी बैटरी से चलाने के लिए।
50 से 60 हजार तक लगते हैं ऐसा स्कूटर बनाने में
ऐसा स्कूटर, जो पेट्रोल और बैटरी, दोनों से चले, को बनाने में 50 से 60 हजार का खर्चा आता है। योगेश वर्मा ने बताया कि कोई भी अपने स्कूटर को पेट्रोल के साथ बैटरी से चलने वाला बनवा सकता है।
आगे ये हैं उम्मीदें
योगेश वर्मा ने बताया कि वह इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में जाना चाहते हैं। दुपहिया वाहनों में और ऐसा कुछ करना चाहते हैं कि वाहन चालकों को और सहूलियत मिल सके। जब उनसे पूछा गया कि क्या डीजल और पानी से चलने वाले दुपहिया वाहनों पर कुछ सोचा है, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह भी असंभव नहीं है। योगेश वर्मा सरकार से चाहते हैं कि उनकी प्रतिभा का उपयोग देश सेवा में किया जाए।