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Two wheeler: हाईस्कूल फेल इंजीनियर, जिसने बनाया ऐसा स्कूटर, जिसे देख चकित हैं सब

Thu, 12 Oct 2023 08:06 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मिस्त्री योगेश वर्मा मोबाइल पर दुपहिया वाहनों की वीडियो देखते रहते थे। कई वाहन पेट्रोल से चलते देखे, तो कई वाहन बैटरी से चलते। दोनों में ही एनर्जी खत्म होने पर परेशानी से परेशान हुए। अचानक योगेश वर्मा को आइडिया आया कि क्यों न ऐसा दुपहिया वाहन बनाया जाए, जो पेट्रोल से भी चले और बैटरी से भी।
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पेट्रोल और बैटरी, दोनों से चलने वाला स्कूटर तैयार करते मिस्त्री योगेश वर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपने पेट्रोल से चलते हुए दुपहिया वाहन देखे होंगे या बैटरी से चलते हुए। अगर वाहन में पेट्रोल खत्म हो जाए, तो बस पेट्रोल पंप नजर आता है। अगर वाहन की बैटरी खत्म हो जाए, तो चार्जिंग पोइंट ढूंढने को मजबूर हो जाना पड़ता है। अब यह दोनों समस्याएं आने वाले समय में खत्म होने वाली हैं। अलीगढ़ के एक मिस्त्री ने ऐसा स्कूटर तैयार किया है, जो हमेशा चलेगा। उस स्कूटर को पेट्रोल से भी चलाया जा सकता है और बैटरी से भी। अगर दोनों फुल हों, तो दुपहिया वाहन को धक्का मारने की नौबत नहीं आएगी। उस मिस्त्री को लोग हाईस्कूल फेल इंजीनियर कहते हैं।

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हाईस्कूल फेल, पर दिमाग इंजीनियर से कम नहीं
अलीगढ़ के कृष्णापुरी निवासी 58 वर्षीय योगेश वर्मा ने अमर उजाला डिजिटल को बताया कि बचपन से पढ़ाई में मन नहीं लगा, हाईस्कूल तक बड़ी मुश्किल से पहुंचा। हाईस्कूल फेल होने के बाद पढ़ाई को अलविदा कह दिया। दिमाग में हर समय पेचकश, प्लास, रिंच, पैच आदि चलते रहते। दुपहिया वाहनों की रिपेयरिंग सीख ली। 40 साल से बतौर मिस्त्री काम कर रहे योगेश वर्मा ने गांधी पार्क स्थित वाहनों के मार्केट में दुकान लेली और वाहनों की सर्विस कर पेचकश, प्लास आदि के साथ खेलने लगे। मन में हमेशा रहा कि दुपहिया वाहन के संसार में कुछ अलग कर दिखाना है।
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यूट्यूब पर वीडियो देख आया एक आइडिया
मिस्त्री योगेश वर्मा मोबाइल पर दुपहिया वाहनों की वीडियो देखते रहते थे। कई वाहन पेट्रोल से चलते देखे, तो कई वाहन बैटरी से चलते। दोनों में ही एनर्जी खत्म होने पर परेशानी से परेशान हुए। अचानक योगेश वर्मा को आइडिया आया कि क्यों न ऐसा दुपहिया वाहन बनाया जाए, जो पेट्रोल से भी चले और बैटरी से भी। ताकि कभी वाहन को धक्का मारने की नौबत न आए।



बना दिया पेट्रोल और बैटरी, दोनों से चलने वाला स्कूटर
योगेश वर्मा ने अपने एक स्कूटर को अपनी प्रयोगशाला बनाया। उनका स्कूटर पेट्रोल से चलता था। योगेश वर्मा ने एक महीन पहले केवल 4 दिन के अंदर उस स्कूटर को ऐसा बना दिया कि वह अब पेट्रोल से भी चलता है और बैटरी से भी। योगेश वर्मा का दावा है कि अभी तक ऐसा कोई अन्य दुपहिया वाहन नहीं बना, जो पेट्रोल और बैटरी दोनों से चलता हो। मार्केट के लोग और अन्य मिस्त्री इस स्कूटर को देख कर चकित रह जाते हैं। जो भी उस स्कूटर को देखता है, वह योगेश वर्मा को मिस्त्री नहीं इंजीनियर कहता है।

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ऐसे बनाया पेट्रोल और बैटरी, दोनों से चलने वाला स्कूटर

योगश वर्मा ने बताया कि अपने पेट्रोल से चलने वाले स्कूटर में कुछ चीजें जोड़कर उसे बैटरी संग पेट्रोल से चलाने लायक बनाया। योगेश ने स्कूटर में यह यंत्र जोड़े...
  • 5 बैटरी आपस में जोड़ीं, जो 60-60 वोल्ट और 120-120 एम्पीयर की थीं। इनकी जगह लीथियम बैटरी का भी उपयोग किया जा सकता है। बैटरी को स्कूटर के अगले हिस्से में पैर रखने वाली जगह पर लगाया गया है।
  • पीछे के पहिए के पास एक हब मोटर लगाई, जो 2 किलोवाट, 48 से 72 वोल्ट की है।
  • एक कंट्रोलर लगाया, जिससे यह नियंत्रण किया जाता है कि वाहन पेट्रोल से चले या बैटरी से।
  • एक्सीलेटर थ्रोटल लगाया, जिससे पेट्रोल और बैटरी से चलने पर एक्सीलेटर पर कंट्रोल किया जाता है।
  • कन्वर्टर लगाया, जो 60 वोल्ट को 12 वोल्ट में बदलता है।
  • बैटरी डिस्पले लगाया, जिसमें वाहन की बैटरी के प्रतिशत को दिखाया जाता है।
  • एक एमसीवी लगाई, अगर पेट्रोल और बैटरी से चलाते समय कोई फॉल्ट हो, तो यह एमसीवी सर्किट कट कर देगी।
  • वाहन शुरू करने के लिए चाबी स्वीच लगाया, जैसा की पेट्रोल से चलने वाले वाहन में होता है। इस स्कूटर में दो चाबी लगाने की जगह हैं, एक पेट्रोल से चलाने की और दूसरी बैटरी से चलाने के लिए।

50 से 60 हजार तक लगते हैं ऐसा स्कूटर बनाने में
ऐसा स्कूटर, जो पेट्रोल और बैटरी, दोनों से चले, को बनाने में 50 से 60 हजार का खर्चा आता है। योगेश वर्मा ने बताया कि कोई भी अपने स्कूटर को पेट्रोल के साथ बैटरी से चलने वाला बनवा सकता है।

आगे ये हैं उम्मीदें
योगेश वर्मा ने बताया कि वह इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में जाना चाहते हैं। दुपहिया वाहनों में और ऐसा कुछ करना चाहते हैं कि वाहन चालकों को और सहूलियत मिल सके। जब उनसे पूछा गया कि क्या डीजल और पानी से चलने वाले दुपहिया वाहनों पर कुछ सोचा है, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह भी असंभव नहीं है। योगेश वर्मा सरकार से चाहते हैं कि उनकी प्रतिभा का उपयोग देश सेवा में किया जाए। 
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