1 जून 2024 से यूपी में 18 साल से कम उम्र के बच्चे वाहन चलाते मिले तो वाहन मालिक व अभिभावक पर कार्रवाई का आदेश है। बीएनएस के तहत 25,000 रुपये तक जुर्माना, वाहन को 12 माह के लिए सीज व अपराध करने वाले बच्चे 25 साल की उम्र तक लाइसेंस लेने के लिए अयोग्य घोषित किए जाएंगे।
रविवार को भी दिखे नजारे
हाथरस हादसे के बाद शहर में रविवार को अमर उजाला ने ऐसे नजारे देखे। जिनमें तमाम नाबालिग व नवयुवा बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग करते वाहन फर्राटा भर रहे थे। कई जगह तो वे पुलिस के सामने से फर्राटा भर रहे थे। मगर कोई रोकने-टोकने वाला नहीं था।
आए दिन हिदायत देती दिखती पुलिस
नाबालिगों के हाथों में दोपहिया की रोकथाम को लेकर आए दिन यातायात पुलिस स्कूलों के आसपास अभियान चलाती है। स्कूलों में संदेश पहुंचाती है कि बच्चे वाहन लेकर न आएं। यहां तक की चालान की कार्रवाई भी हुई उसके बावजूद ये मानने को तैयार नहीं हैं।
अलीगढ़ अभिभावक एसोसिएशन के जिला प्रभारी अनुराग गुप्ता कहते हैं कि हमारी जिले के अभिभावकों से अपील है कि नाबालिग बच्चों के हाथों में स्कूल, कोचिंग या बाजार जाने के लिए दोपहिया वाहन न दें। इस दिशा में जल्द स्कूल खुलने पर अभियान भी छेड़ा जाएगा।
पांच वर्ष में मृत नाबालिगों का आंकड़ा
-वर्ष 2020, कुल मृतक 530 में नाबालिग 63
-वर्ष 2021, कुल मृतक 314 में नाबालिग 42
-वर्ष 2022, कुल मृतक 473 में नाबालिग 31
-वर्ष 2023, कुल मृतक 517 में नाबालिग 83
-वर्ष 2024, कुल मृतक 298 में नाबालिग 39
नोट: यह नाबालिग होने के साथ-साथ बिना हेलमेट भी थे।