मुख्यालय से 20 किमी परिधि में स्थापित होगा केंद्र
जारी निर्देश के अनुसार यह केंद्र जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि में स्थापित होगा। इसके लिए कम से कम 50 एकड़ या अधिकतम 100 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। अगर कहीं भूमि कम है तो वहां बहुमंजिला औद्योगिक परिसर और फ्लैटेड फैक्टरी मॉडल अपनाया जाएगा। परियोजना के संचालन के लिए प्रत्येक हब में विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन होगा और प्रमुख निवेशक को उसका अध्यक्ष बनाया जाएगा।
निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य
एसवीपीईआईजेड में कौशल विकास केंद्र, प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, साझा सुविधा केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उद्यमियों को तैयार औद्योगिक परिसर मिलने से कम समय में उत्पादन शुरू होगा, ताकि निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
पहले चरण में अलीगढ़ शामिल
ताला-हार्डवेयर उद्योग के लिए प्रसिद्ध अलीगढ़ में कारीगरों की कमी नहीं है लेकिन अभी तक यहां की 50 हजार से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयों में अप्रशिक्षित कारीगर इस उद्योग को ऊंचाइयों पर पहुंचाते रहे हैं। दूसरा यहां डिफेंस कॉरिडोर का नोड भी विकसित हो रहा है। एनसीआर से सटा होने के कारण यहां सुगम यातायात व भूमि की उपलब्धता के चलते अच्छे निवेश की संभावनाएं हैं। इसलिए अलीगढ़ पहले चरण में शामिल है।