डॉ भरत वार्ष्णेय ने बताया कि थैलेसीमिया माइनर व्यक्ति स्वस्थ दिखता है, सामान्य जीवन जीता है, परंतु जब दोनों जीवन साथी माइनर हों, तो अगली पीढ़ी गंभीर संकट में आ सकती है। इसीलिए विवाह से पूर्व थैलेसीमिया की जांच अनिवार्य की जानी चाहिए।
अलीगढ़ में आरके फाउंडेशन की ओर से 8 मई को मानिक चौक पर स्थित हाईटेक पैथोलॉजी क्लीनिक पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सकों की टीम ने थैलेसीमिया स्क्रीनिंग, परामर्श एवं निशुल्क परीक्षण किया। पैथोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि विवाह से पहले जन्म कुंडली नहीं, मेडिकल कुंडली मिलाएं।
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उन्होंने बताया कि शादी के लिए जन्म कुंडली मिलाना सामाजिक परंपरा हो सकती है, परंतु मेडिकल कुंडली मिलाना वैज्ञानिक जिम्मेदारी है। थैलेसीमिया माइनर व्यक्ति स्वस्थ दिखता है, सामान्य जीवन जीता है, परंतु जब दोनों जीवन साथी माइनर हों, तो अगली पीढ़ी गंभीर संकट में आ सकती है। इसीलिए विवाह से पूर्व थैलेसीमिया की जांच अनिवार्य की जानी चाहिए।
मौके पर संजीव कुमार वार्ष्णेय, राजीव कुमार वार्ष्णेय, कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, अमित वार्ष्णेय, कौशल संतोषी, इकराम, शाहनवाज, लवकुश व राजा आदि मौजूद रहे।