बिजनौर के नूरपुर के गांव पुरेनी दुर्गेशपुर का 38 वर्षीय मनोज उर्फ मंजू राजमिस्त्री था। वह ठेकेदार के जरिये ओजोन सिटी की निर्माणाधीन साइट पर बन रहे मंदिर पर काम कर रहा था। रोजाना की तरह 2 नवंबर शाम को उसके अन्य साथी काम खत्म कर घर चले गए, जबकि वह नशे में लिंटर के लिए बनी शटरिंग पर ही सो गया। अंदेशा है कि इसी बीच नशे में वह गिरा, जिससे सरिया में उसकी शर्ट फंस गई और लटक गया।
अलीगढ़ महानगर के महुआखेड़ा क्षेत्र की हाउसिंग सोसाइटी के निर्माणाधीन मंदिर के लिंटर में फंसकर राज मिस्त्री की मौत हो गई। वह रात को नशे में लिंटर पर ही सो गया था। सुबह उसका शव लिंटर में फंसा मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया है। परिवार ने मौखिक तौर पर हत्या का अंदेशा जताया है।
विज्ञापन
मूल रूप से बिजनौर के नूरपुर के गांव पुरेनी दुर्गेशपुर का 38 वर्षीय मनोज उर्फ मंजू राजमिस्त्री था। वह ठेकेदार के जरिये ओजोन सिटी की निर्माणाधीन साइट पर बन रहे मंदिर पर काम कर रहा था। रोजाना की तरह 2 नवंबर शाम को उसके अन्य साथी काम खत्म कर घर चले गए, जबकि वह नशे में लिंटर के लिए बनी शटरिंग पर ही सो गया। अंदेशा है कि इसी बीच नशे में वह गिरा, जिससे सरिया में उसकी शर्ट फंस गई और लटक गया। सुबह जब साथी पहुंचे तो उसका शव लटका मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। खबर पर बिजनौर से परिजन भी आ गए। परिवार ने हत्या कर शव लटकाने का अंदेशा जताया है। पोस्टमार्टम में सरिया की चोट से पेट की तिल्ली फटने व पसली टूटने से मौत की पुष्टि हुई है। कंधे में भी चोट बताई है। फिलहाल शव परिजन साथ ले गए हैं। सीओ द्वितीय के अनुसार हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई। फिर भी परिवार के आरोपों पर जांच की जा रही है। मृतक नशे का आदि था।