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अलीगढ़ः स्मार्ट सिटी के नाम पर शहीदों का हो रहा है अपमान

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एसीएम अंजुम बी से बातचीत करते अहिंसा फाउंडेशन के पदाधिकारी। - फोटो : CITY OFFICE
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अहिंसा फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को स्मार्ट सिटी कार्य के चलते सुभाष चौक को तोड़ने के प्रकरण में विरोध जताया। पदाधिकारियों ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव मनाकर शहीदों का सम्मान कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर स्मार्ट सिटी के नाम पर शहीदों का अपमान हो रहा है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस तरह की कार्रवाई आगे भी हुई तो अहिंसा फाउंडेशन सामाजिक संस्थाओं तथा जन सहयोग से अलीगढ़ शहर में आंदोलन करेगी।
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प्रकरण के अनुसार सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित है। बुधवार को स्मार्ट सिटी के सौंदर्यीकरण योजना के तहत सुभाष चौक को तोड़ने का काम शुरू हुआ। शिलालेखों को तोड़ दिया गया। सूचना पर अहिंसा फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश सक्सेना मौके पर पहुंचे। वहीं मजहर उल कमर, सरदार दलजीत सिंह एवं अन्य साथी भी मौके पर पहुंचे और काम रुकवाया। यहां पदाधिकारियों ने बताया कि यह चौक अहिंसा फाउंडेशन की अपनी धनराशि से बनवाया गया है। इसमें किसी भी सरकारी योगदान से निर्माण नहीं हुआ है। इसीलिए बिना किसी सूचना और सहमति के चौक को तोड़ा जाना अवैध है। हंगामे की सूचना पर स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारी तथा अपर नगर मजिस्ट्रेट अंजुम बी पहुंचीं और थानाध्यक्ष पहुंचे। उनकी उपस्थिति में स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारियों ने नक्शा दिखाया और आश्वस्त किया कि जितने भी शिलालेख लगे हुए हैं। वह लगाए जाएंगे और चौक को नए सिरे से बड़ा करके सुंदर बनाया जाएगा। अधिकारियों ने माना कि पूर्व में बिना सूचना दिए अपना कार्य शुरू करना गलत है। आगे से ऐसा नहीं होगा। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसा हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

सुभाष चौक पर की गई तोड़फोड़।- फोटो : CITY OFFICE

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