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आर्थिक तंगी की बेड़ियां तोड़ अमेरिका में पढ़ेंगे मनू

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अकराबाद के प्राथमिक स्कूल से निकलकर 2014 में बुलंदशहर के शिव नाडर फाउंडेशन की ओर से संचालित विद्या ज्ञान स्कूल में पढ़ाई कर मनू चौहान ने परिवार की आर्थिक तंगी की बेड़ियों को तोड़ा है। यूएस के स्टैफोर्ड यूनिवर्सिटी में 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप पर दाखिला लिया है। मनू चौहान अब यूएस (यूनाइटेड स्टेट) जाकर लाखों रुपयों की पढ़ाई नि:शुल्क करेंगे। मनू ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय संबंध और अर्थशास्त्र की पढ़ाई पूरा करना चाहते हैं। मनु ने चयन प्रक्रिया पूरी कर राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया है।
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मनू ने बताया कि अकराबाद के सरकारी प्राथमिक स्कूल से प्राथमिक शिक्षा हासिल की। पिता प्रमोद चौहान बीमा करते हैं। मां ग्रहणी हैं। पिता की आय सीमित थी। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पिता को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। कक्षा पांच में पढ़ते समय पिता प्रमोद चौहान को विद्या ज्ञान स्कूल की जानकारी हुई। 2014 में प्रवेश परीक्षा देकर बुलंदशहर स्थित विद्या ज्ञान स्कूल में आवासीय नि:शुल्क पढ़ाई के लिए चयन हुआ। इसका संचालन शिव नाडर फाउंडेशन करता है। 2016 सीनियर छात्रा की डॉक्यूमेंट्री स्कूल में दिखाई गई, जिसमें बताया गया कि कैसे एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत विदेश में भी नि:शुल्क पढ़ाई की जा सकती है। यहां से प्रोत्साहन जगा और तैयारियां प्रारंभ की।
2019 में हाईस्कूल की परीक्षा 95.4 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की। इसी वर्ष से स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप के लिए विभिन्न टेस्ट देने प्रारंभ किए। दो साल तक कई स्तर की परीक्षाएं पास की। 2021 में 12वीं की परीक्षा में प्रमोट भी हो गए। इधर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप पर दाखिले के लिए चयन हो गया। उन्होंने बताया कि एक कोर्स करने के लिए यूनिवर्सिटी में 45 से 50 लाख रुपये तक खर्च होते हैं। मनू ने कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि आर्थिक तंगी से सुनहरे भविष्य की इबारत नहीं लिखी जा सकती। यह गलत है। अगर दृढ़ निश्चय हो और मन लगाकर पढ़ाई पूरी की जाए तो रास्ते खुद ब खुद खुल जाते हैं। विद्या ज्ञान स्कूल की प्रेरणा और वहां की नि:शुल्क आवासीय शिक्षा ने भविष्य बदल दिया है। आर्थिक तंगी में जकड़ा विद्यार्थी भी विदेश में लाखों की पढ़ाई बिना रुपयों के पूरी कर सकता है।
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