अलीगढ़ के सिविल लाइन इलाके में फर्जी बिल्डर बनकर एक युवक ने सऊदी में रह रहे अप्रवासी भारतीय से दुकान बुक कराने के नाम पर 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब एनआरआई को खुद के साथ ठगी का अहसास हुआ और उसने रुपये वापसी के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो उल्टा उसे धमकाया गया।
मामले में पुलिस से मदद न मिलने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित सर सैयद नगर निवासी सलाहउद्दीन पुत्र मलिक मोहम्मद अमीन के अनुसार वह दुबई में नौकरी करता है और परिवार सहित वहीं रहता है। साल में एक या दो बार अलीगढ़ आता है।
पीड़ित के अनुसार 20 अगस्त 2017 को वह अपने घर आया हुआ था, तभी सर सैयद नगर में मो. आमिर पुत्र रहमत अली निवासी अहमदनगर दोदपुर सिविल लाइन से मुलाकात हुई। उसने स्वयं को प्रोम्प्ट इंफ्रास्ट्रेक्चर का प्रोपराइटर बताते हुए एक पर्चा दिया।
साथ ही बताया कि उसका क्लासिक टावर नाम से कंस्ट्रक्शन का प्रोजेक्ट चल रहा है। जो कि एडीए से पास है और साइट क्वार्सी धौर्रामाफी रोड पर है। उसने यहां बनी दुकानों में से तीन दुकान 10 लाख रुपये में देने को कहा। साथ ही बताया कि पांच लाख रुपये अभी और पांच लाख रुपये एक माह बाद देने होंगे। बाकी के 24 लाख जैसे-जैसे निर्माण होता जाए वैसे वैसे देने हैं।
उसकी बातों में आकर उसने तीन दुकानें छह, 11 और 12 नंबर की 34 लाख रुपये में अपनी पत्नी शबीना खान के नाम से बुक करा ली। साथ ही नोटरी एग्रीमेंट कराकर ढाई-ढाई लाख के दो चैक दिए। इसके बाद 10 अक्टूबर को 10 लाख के दो चैक दिए। एक सप्ताह बाद भी जब निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो उसे शक हुआ और उसने अपने रुपये वापस मांगे। इस पर मो. आमिर बहाने बनाता रहा। अंत में उसने जान से मारने की धमकी देते हुए फोन उठाना बंद कर दिया। वह दुबई से छुट्टी लेकर आया और पुलिस को अपनी शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने उसकी एक बात न सुनी।
अंत में उसने कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने को याचिका दायर की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार प्रकरण में मुकदमे के आधार पर जांच की जा रही है। बताया गया है कि आरोपी का भाई सिविल लाइंस इलाके में सक्रिय बिल्डर है।