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भाजपा के राज में गंगा को बचाने के लिए साधु जान देने को मजबूर : संदीप

Sat, 13 Apr 2019 08:12 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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Ganga
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रेमन मैग्सेसे अवार्ड विजेता प्रो. संदीप पांडेय ने कहा कि भाजपा के राज में गंगा को बचाने के लिए साधु जान देने को मजबूर हैं। मगर मोदी सरकार को रत्तीभर उनकी परवाह नहीं है। प्रो. पांडेय शनिवार को सामाजिक संस्था ‘सोच’ के कार्यालय पर पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने हित साधने वाले मुद्दों पर बातचीत करती है, लेकिन साधुओं के बारे में वह बात करने स बचती है।

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सवाल उठाया कि अयोध्या में मंदिर बनाने से किसका लाभ होगा। प्रयागराज में पानी मंगाकर अर्ध कुंभ भरा गया। नदी में पानी नहीं है। फिर भी नितिन गडकरी पानी का जहाज चलाना चाहते हैं। गंगा के अविरल धारा के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जान दे चुके हैं। उनकी मौत पर मोदी सरकार नहीं पसीजी। अब उनकी जगह ब्रह्मचारी आत्मबोध नंद आमरण अनशन बैठे हैं, जिन्हें 172 दिन हो गए।

स्वामी पूर्णियानंद भी अनशन के लिए तैयार हो रहे हैं। अन्न त्याग चुके हैं। सिर्फ गंगा नदी में क्षमता है कि वह खुद को निर्मल व शुद्ध रख सकती है। बशर्ते उसकी बहाव पर बंदिशें न लगे। प्रो. पांडेय ने कहा कि नदी पर मनमोहन सरकार बात करती थी, लेकिन मोदी सरकार बचती है। मोदी सरकार को वापसी नहीं करनी चाहिए। फौजी की शहादत पर लोग झंडे लेकर बाहर निकल आते हैं, लेकिन साधु की मौत पर कोई बात करने को तैयार नहीं।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के पायलट अभिनंदन को रिहा कर अपनी समझदारी से युद्ध टाला है। पाकिस्तान से शांति वार्ता करनी चाहिए। जब पीएम मोदी पाकिस्तान में नवाज शरीफ के यहां नाश्ता कर सकते हैं, तो सीमा पर सैनिकों को भी मेल-मिलाप करने की छूट दी जानी चाहिए। इस अवसर पर खुदाई खिदमतगार के संयोजक फैसल खान, डॉ. सलीम मोहम्मद खान आदि मौजूद रहे।

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