एसएसपी ने बताया कि परिवार से काफी देर वार्ता हुई है। परिवार काफी बातें समझ रहा है। बाकी जो उनकी मांगें हैं, उन पर निर्णय लिया गया है। हमारे स्तर से थाने में इस घटना को जीडी में दुर्घटना व इत्तेफाकिया के तौर पर दर्ज किया गया है। उसी की विभागीय जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है।
अलीगढ़ के गभाना में हुए घटनाक्रम पर परिवार की मांग के अनुसार एसएसपी स्तर से मामले में मजिस्ट्रेटी जांच की संस्तुति की गई है। इस मामले में एसपी सिटी को विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। अब डीएम स्तर से इसमें मजिस्ट्रेटी जांच का जिम्मा दिया जाएगा। यह निर्णय 18 जुलाई शाम परिवार से मुलाकात के बाद एसएसपी स्तर से लिया गया है। हालांकि परिवार ने किसी तरह से मुकदमा दर्ज कराने से इन्कार कर दिया है।
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सुबह से ही परिवार पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहा। शुरुआत में परिवार ने इस घटना पर सवाल उठाए। मगर दोपहर होते होते कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। शाम को दफन के बाद पिता, भाई व साथ में रिश्तेदार बसपा नेता सलमान शाहिद आदि एसएसपी से मिले। इस दौरान परिवार ने आर्थिक मदद, पत्नी को नौकरी व घटना का सच जानने के लिए मजिस्ट्रेटी जांच की मांग रखी गई। एसएसपी स्तर से सहमति दी गई। बताया कि पत्नी को नौकरी मिलेगी। आर्थिक मदद भी विभागीय नियमानुसार तय है। वह भी जल्द मिलेगी। पिता के अनुरोध पर डीएम से मजिस्ट्रेटी जांच की भी संस्तुति कर दी।
एसएसपी ने बताया कि परिवार से काफी देर वार्ता हुई है। परिवार काफी बातें समझ रहा है। बाकी जो उनकी मांगें हैं, उन पर निर्णय लिया गया है। हमारे स्तर से थाने में इस घटना को जीडी में दुर्घटना व इत्तेफाकिया के तौर पर दर्ज किया गया है। उसी की विभागीय जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है।
अंतिम संस्कार में मौजूद रही पूरी टीम व साथी
इस घटना में मृत याकूब के अंतिम संस्कार में परिवार, समाज, मोहल्ले के लोगों के अलावा पुलिस की पूरी टीम व साथी मौजूद रहे।
कुछ भी बोलने से बचते रहे दरोगा मजहर
इस घटना में खुद की पिस्टल कॉक के दौरान लॉक होने के सवाल पर पोस्टमॉर्टम हाउस पर मौजूद दरोगा अजहर हसन कुछ भी बोलने से बचते रहे। मीडिया कर्मियों ने सवाल किए। मगर वह पूरे समय चुप्पी साधे रहे। इसी तरह गभाना थाने में भी कोई कुछ बोलने के बजाय चुप्पी साधे हैं। इस घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं।