दबिश के दौरान उप निरीक्षक की पिस्टल फंस गई थी, जिसे दूसरे उप निरीक्षक ने अनलॉक करने का प्रयास किया। तभी पिस्टल से अचानक गोली चल गई, जो उप निरीक्षक के पेट में लगते हुए पास में खड़े एसओजी सिपाही के सिर में जा लगी। जिससे एसओजी सिपाही की मौत हो गई।
याकूब खां एसओजी में तैनात थे, जिनकी 17 व 18 जुलाई 2024 की रात्रि में गोली लगने के कारण मृत्यु हो गयी। उनके भाई जुबैर पुत्र वसीउल्ला खाँ निवासी जमालपुर थाना सिविल लाइन ने घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने का अनुरोध किया था, जिस पर एसएसपी संजीव सुमन द्वारा संस्तुति कर दी गई। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने बताया कि एसएसपी की संस्तुति के आधार पर डीएम विशाख जी ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के लिए एडीएम प्रशासन पंकज कुमार को नामित किया है।
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गोली लगने से हुई थी सिपाही की मौत
गोकशी के आरोपियों की तलाश में थाना गांधीपार्क, गभाना एवं एसओजी की संयुक्त टीम गभाना में दबिश देने गई थी। वहां पर उप निरीक्षक मजहर हसन की पिस्टल फंस गई, जिसे दूसरे उप निरीक्षक राजीव कुमार ने अनलॉक करने का प्रयास किया। तभी पिस्टल से अचानक गोली चल गई, जो राजीव कुमार के पेट में लगते हुए पास में खड़े एसओजी सिपाही याकूब के सिर में जा लगी। दोनों को तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने याकूब को मृत घोषित कर दिया। उप निरीक्षक राजीव कुमार का उपचार चल रहा है।