दुकान में रखी गणेश जी की मूर्तियां। संवाद
मूर्ति उद्योग में इन दिनों नवरात्र और दिवाली की तैयारियां जोरशोर से हो रहीं हैं। मां दुर्गा, मनमोहक भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्तियां देश-विदेश तक भेजी जा रहीं हैं। नवरात्र की मूर्तियां 25 सितंबर तक और दिवाली की 15 अक्तूबर तक भेज दी जाएंगी। इस बार 150 करोड़ रुपये से ऊपर का कारोबार होने का अनुमान है।
यहां बनी मूर्तियां मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, कनार्टक, बिहार, ओडिशा तक भेजी जा रही हैं। विदेशों में अमेरिका और यूरोपीय देशों में इनकी मांग है। जयगंज स्थित भूखी की सराय में कारीगर इन मूर्तियों को चमका रहे हैं और महिलाएं पैकिंग कर रही हैं। इस बार धनतेरस छह और दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी। इसलिए दुकानों पर 15 अक्तूबर तक भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्तियां सज जाएंगी। पीतल महंगी होने के बाद आकार में छोटी मूर्तियों की मांग बढ़ रही है। इसमें भी एंटीक लुक वाली मूर्तियां ज्यादा पसंद की जा रही हैं।
मां दुर्गा, भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान श्रीराम और भगवान शंकर का परिवार ग्राहक बहुत पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा दीपक और सजावटी सामान भी लिया जा रहा है। पूरे देश और विदेशों में भी इनकी मांग है, आपूर्ति दी जा रही है। - मोहित, मूर्ति कारोबारी जनकपुरी।
नवरात्र और दिवाली मूर्ति कारोबार का सबसे बड़ा सीजन होता है। देश-विदेश में मूर्तियों की मांग होती है। इस बार लगभग 150 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। पीतल महंगी होने से वजन में हल्की मूर्तियों की मांग अधिक है। - हनुमंत राम गांधी, अध्यक्ष अलीगढ़ ब्रास स्टैच्यू एंड आर्टवेयर सप्लायर एसोसिएशन।