इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाह कराए। साथ में महिला के मृत्यु पूर्व बयान को सजा का आधार बनाया गया। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से बयान पर महिला की अंगूठा निशानी पर सवाल खड़ा किया। जिस पर अभियोजन पक्ष के तर्कों के बाद अदालत ने फैसला सुनाया है।
कचहरी में मौजूद रही भारी भीड़
इस फैसले के दिन 13 मई को कचहरी में भारी भीड़ रही। फैसला सुनाए जाने के बाद लोगों के चेहरे मुरझा गए और महिलाओं ने तो बुजुर्ग सास के जेल जाने पर बेहद अफसोस जताया। इस दौरान फोर्स को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी।
इस मामले में लंबे समय तक चली गवाही व बहस के बाद फैसला आया है। इसमें पुलिस व बचाव पक्ष की ओर से दहेज संबंधी विवाद में हत्या होना बताया गया। मगर, अदालत ने इसे सीधे हत्या माना है। इसके पीछे की वजह यह भी है कि दंपती में हर्जाने का विवाद अदालत में लंबित था। उसी दिन उसकी तारीख भी थी। उसी से रोकने के लिए यह हत्या की गई। अदालत ने उसी आधार पर फैसला सुनाया है। -जेपी राजपूत, एडीजीसी