भीषण गर्मी इस समय अपने चरम पर है। गर्मी के चलते जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है। बुधवार को गर्मी और उमस के चलते लोगों का बुरा हाल हो गया। कूलर और पंखे भी नाकाफी साबित हुए। जानकार कहते हैं कि अगले कुछ दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर अतीक अहमद कहते हैं कि कुछ दिनों पहले दो चक्रवात आए थे। इससे गर्मी का चक्र भी प्रभावित हुआ। आमतौर से मई महीने में भीषण तपाने वाली गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार यह देखने को नहीं मिला। गर्मी का चक्र थोड़ा आगे बढ़ा। अब जून में मौसम बेहद गर्म हो रहा है। अच्छे मानसून के लिए यह जरूरी है ।
दूसरी ओर गर्मी के चलते दोपहर में लोगों को खासी असुविधा का सामना करना पड़ा। कोरोना कर्फ्यू के बाद हुए अनलॉक में लोग अपनी जरूरत के काम निपटाने के लिए घर से बाहर निकले, लेकिन भीषण गर्मी के चलते कामकाज निपटाने की रफ्तार धीमी रही।