फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : नीरज के गीतों को लता मंगेशकर ने दी थी आवाज

विज्ञापन
कुमार चंद्रहास - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
गीतकार गोपालदास नीरज के गीतों को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी। वहीं, पार्श्व गायिका लता मंगेशकर के निधन पर संगीत प्रेमियों को बड़ा आघात लगा है। संगीत प्रेमियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
विज्ञापन

नीरज के गीत ‘शोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब, को लता ने आवाज दी थी। इसके अलावा रंगीला रे तेरे रंग में, खिलते हैं गुल यहां, दिल आज शायर है गम आज नगमा है, आज मदहोश हुआ जाए रे मेरा मन आदि नीरज के गीतों को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी। वहीं, पूर्व विधायक विवेक बंसल ने कहा भारत रत्न लता मंगेशकर का निधन देश के लिए बहुत बड़ा आघात है। उन्होंने गानों से देश को मंत्र मुग्ध कर रखा था। एसआरडी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. इंदु वार्ष्णेय व भारत विकास परिषद ब्रज उप्र के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार वार्ष्णेय ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया। कहा, वह अपने गीतों के माध्यम से हम सबके हृदय में विराजेंगी। सामाजिक कार्यकर्ता और अलीगढ़ कल्चरल क्लब अतरौली इकाई के अध्यक्ष इंजीनियर हिमांशु मित्तल गुप्ता ने दीदी लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया। गीतकार डॉ. वेद प्रकाश अमिताभ, डॉ. आर स्वरूप, डॉ. प्रभाकर शर्मा, डॉ. मंजू गिरि, डॉ. अजय माहुर, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. केवी वर्मा, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. जियाउर्रहमान, डॉ. जेपी गुप्ता आदि ने लता के निधन पर शोक जताया। ब्राइट फ्यूचर सेवा समिति के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा हुई। यहां नूर मोहम्मद इंजीनियर, कवि अब्दुल रज्जाक नाचीज आदि मौजूद रहे।
लता मंगेशकर के निधन पर एएमयू में शोक
अलीगढ़। एएमयू ने महान गायिका, भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि लता मंगेशकर के निधन से विश्वविद्यालय बिरादरी दुखी है। वह निसंदेह भारत की स्वर कोकिला होने के साथ ही देश की एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व और हमारे सबसे बड़े सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक थीं, जो अपनी विलक्षण गायन कला के लिए विश्व भर में लोकप्रिय रहीं। उन्होंने कहा कि लता जी को हिंदी फिल्म संगीत के क्षेत्र में आधी सदी से भी अधिक समय तक अग्रणी भूमिका में रहने के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
विज्ञापन

लता जी का जाना ऐसा ही है जैसे सुरीली सरगम का खामोश हो जाना। मगर, लता जी सारी दुनिया के दिल दिमाग में जिंदा थीं। जिंदा हैं और जिंदा रहेंगी। हम सबके इस नुकसान की भरपाई नामुमकिन है। अलविदा स्वर की देवी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।
-जॉनी फॉस्टर, संगीत व गीतकार
--
स्वर साम्राज्ञी और भारत की सुर कोकिला महान व्यक्तित्व की मलिका लता मंगेशकर का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। लता जी की मीठी आवाज अब कभी सुनने के लिए नहीं मिलेगी।
-सैयद अली नवाज जैदी, विधि विभाग, एएमयू
मां सरस्वती की अनन्य साधिका स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का निधन संसार भर के संगीत प्रेमियों के लिए एक झंझावात के समान है। लता जी को मेरी कई गजलें और उनके शेर उन्हें बहुत पसंद आए। मगर, मेरी रचनाओं की किस्मत न थी कि वो स्वर की देवी के कंठ में सज सकें।
-अशोक अंजुम, गीतकार
स्वरों की देवी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। लता दीदी को मेरा शत-शत नमन। अलीगढ़ के भारत भूषण की अभिनीत फिल्म रानी रूपमती में लता जी ने ‘आ लौट के आजा मेरे मीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं’। श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। लता जी से मिलने की तमन्ना अधूरी रह गई।
-अनिल वर्मा, संगीत प्रेमी
सौभाग्यशाली हैं कि हमने लता युग में जन्म लिया : चंद्रहास
भारत रत्न व स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर संगीतकार कुमार चंद्रहास ने दुख व्यक्त करते हुए कहा ‘कहां जाना है अब स्वर ताल को, शब्दों के काफिलों को भी पता नहीं है, आवाज के शहर में अंधेरा है, अब वहां लता नहीं हैं’। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994-1995 में जब अटल बिहारी वाजपेयी की 11 कविताओं को संगीतबद्ध किया था, तब उनमें से छह कविताएं लता मंगेशकर को ध्यान में रखकर संगीतबद्ध की थीं, जिसमें दो उनके साथ युगल गायन के लिए थीं। उनसे बात हुई प्रयास हुए, लेकिन कालांतर में उन्होंने स्वयं अटल जी की कविताओं का एक एलबम निकाला। 2015-2016 में फिर प्रयास किया, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने गाना बंद कर दिया था। लता जी ने विश्व में विशिष्ट पहचान दी। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमने लता युग में जन्म लिया। इस महानतम गायिका को मेरी भावविह्वल श्रद्धांजलि है।

डॉ. सैयद अली नवाज- फोटो : CITY OFFICE

अनिल वर्मा - फोटो : CITY OFFICE

अशोक अंजुम - फोटो : CITY OFFICE

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें