महानगर के सुनियोजित विकास के लिये तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान 2031 का फाइनल ड्राफ्ट 30 जुलाई तक तैयार होगा। लेकिन इन ड्राफ्ट पर आपत्ति जताकर वर्ष 2021 के मास्टर प्लान में उल्लेखित किसी उपयोगी भूमि का भू उपयोग परिवर्तन का मंसूबा बना रहे लोगों को निराश होना पड़ेगा। नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकेगा।
मास्टर प्लान 2031 पर माथापच्ची जारी है। शासन द्वारा नामित आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ लोकल सेल गवर्नमेंट कंपनी महानगर के आगामी दस वर्षों में संभावित विकास को दृष्टिगत रखते हुए महायोजना का ड्राफ्ट तैयार करने मेें जुटी है। इधर महानगर में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है, जो महायोजना को अपने फायदे के लिये इस्तेमाल करने को तत्पर हैं और तरह तरह के मंसूबे बना रहे हैं। सबसे ज्यादा कोशिश महायोजना 2021 में उल्लेखित विकासशील स्थानों का भू उपयोग परिवर्तन अपने फायदे के हिसाब से कराने की है। इसके लिये वे अभी से आपत्ति दर्ज कराने की फिराक में हैं। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के सचिव अर्जुन सिंह तोमर ने स्पष्ट कहा कि नियमानुसार महायोजना 2031 में पिछली महायोजना में उल्लेखित स्थानों का भू उपयोग परिवर्तन नहीं हो सकेगा।