अतरौली। जिला पंचायत सदस्य पद के वार्ड नंबर 6 से निर्दलीय प्रत्याशी
कुंवरपाल सिंह उर्फ केपी मिस्त्री ने जिले में सबसे बड़े अंतर (10 हजार से
अधिक) से जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। बाइकों की मरम्मत कर परिवार
चलाने वाले केपी मिस्त्री की मेहनत और लगन देख जनता ने उन्हें सर-आंखों पर
बैठाया है।
इस चुनाव में उन्होंने बडे़-बड़े सूरमाओं का धराशायी कर
यह रिकॉर्ड जीत हासिल की है। खास बात यह रही कि केपी के सामने खड़े
प्रत्याशी पन्नालाल लोधी जिनका प्रचार पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पुत्रवधू
तक ने किया, वह इस वार्ड से तीसरे नंबर पर रहे।
अतरौली तहसील के
गांव पनिहारा शेखूपुर निवासी कुंवरपाल बाइक मैकेनिक हैं और रामघाट रोड पर
उनकी दुकान है। परिवार में मां जशोदा देवी और पिता मेघसिंह रहते हैं।
मेघसिंह अतरौली थाने में हॉमगार्ड हैं। केपी सिंह ने कुल 13886 वोट हासिल
कर जीत हासिल की।
दूसरे नंबर पर रहने वाले दिनेश गौड़ को महज 3800
वोट ही मिले। एक डिग्री कॉलेज और दो इंटर कॉलेज के स्वामी दिनेश गौड़ की
छवि क्षेत्र में काफी अच्छी है लेकिन वह चुनाव में केपी सिंह के मुकाबले
लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाए।
तीसरे नंबर पर करीब साढ़े तीन हजार
वोट हासिल करने वाले पप्नालाल लोधी रहे। दो ईंट भट्ठों के स्वामी पन्नालाल
लोधी की क्षेत्र में काफी अच्छी छवि है, वहीं वह कल्याण परिवार के करीबी भी
माने जाते हैं।
भाजपा नेता नवाब सिंह एडवोकेट 3400 के करीब वोट
हासिल कर चौथे स्थान पर रहे। नवाब सिंह खुद और एक बार उनकी पत्नी इसी वार्ड
से जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। नवाब सिंह अधिवक्ता कल्याण समिति के
अध्यक्ष भी हैं। कुंवरपाल के पिता ने बताया कि केपी सिंह का तीन साल पहले
पत्नी से तलाक भी हो चुका है।