अलीगढ़ (ब्यूरो)। जिला पंचायत के सभी 52 नतीजे सोमवार रात दस बजे घोषित कर दिए गए। जिसमें बसपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है जिसके 13 सदस्य जीते हैं। दूसरे नंबर पर रही भाजपा अपने सहयोगी बजरंग दल के एक सदस्य के साथ 9 के आंकड़े पर सिमट गई है।
तीसरे पायदान पर खिसकी सपा के छह उम्मीदवार ही जीत पाए हैं जबकि रालोद पांच सीटों पर जीती है। कांग्रेस के नाम पर एक सीट रजनेश यादव ने अपनी व्यक्तिगत छवि पर जीती है। लेकिन इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 18 तक पहुंच गई है जिसमें छह सदस्यों को लेकर तीन पार्टियों ने अपना अपना बताया है। अब इन पर ही आगे का दारोमदार है।
बसपा जिलाध्यक्ष की मानें तो 27 का जादुई आंकड़ा उनके पास है। वह जल्द ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उपेंद्र सिंह नीटू के नाम का प्रस्ताव आगे बढ़ाएंगे। बसपा ही जिला पंचायत अध्यक्ष बनाएगी। कमोबेश यही दावा भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह भी कर रहे हैं। लेकिन अंदरखाने निर्दलीयों पर सपा की भी पैनी नजर है।
लखनऊ के सियासी गलियारों से आगे की रणनीति के संकेत मिलते ही कोई उलटफेर हो सकता है।बसपा पिछले दस सालों से लगातार जिला पंचायत पर अपना कब्जा बनाए हुए हैं। इससे पहले 2010 के चुनाव में चौ. सुधीर सिंह को जिला पंचायत का अध्यक्ष बसपा ने ही बनाया था। वहीं इस बार भी बसपा के हाथ में ही कमान है। पूर्व कबीना मंत्री एवं एमएलसी ठा. जयवीर सिंह इस बार भी किंगमेकर बने हैं।